महाराष्ट्र / मराठों को शिक्षा और रोजगार में 16% आरक्षण, विधानसभा में बिल पास

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में मराठों को शिक्षा और रोजगार में 16 फीसदी का आरक्षण मिलेगा। मराठों के आरक्षण को लेकर फडणवीस सरकार ने गुरुवार को विधानसभा के पटल पर यह प्रस्ताव रखा और कुछ ही देर में यह बहुप्रतीक्षित विधेयक पास भी हो गया। अब यह बिल उच्च सदन को भेजा जाएगा। à¤®à¤°à¤¾à¤ à¤¾ आरक्षणराज्य सरकार ने शिक्षा और रोजगार के मामले में मराठा समुदाय को 16 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा है। बिल के मुताबिक, राज्य सरकार राज्य की 32 प्रतिशत मराठा आबादी को 16 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करेगी। विधानसभा से मराठा आरक्षण विधेयक मंजूर होने के बाद इसे राज्यपाल के हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा, फिर राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्‍ट्रपति की मुहर लगते ही राज्य में मराठा आरक्षण लागू हो जाएगा। इस एक्शन टेकिंग रिपोर्ट (एटीआर) में पिछड़ा वर्ग आयोग की प्रमुख सिफारिशों और उस पर सरकार द्वारा की जा रही कार्यवाही की जानकारी भी दी गई है। इसके पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि 1 दिसंबर को लोग इंतजार करें, अच्छी खबर मिलेगी। ऐसे में शिवसेना और बीजेपी ने व्हिप जारी कर सभी सदस्यों को सदन में हाजिर होने के लिए कहा है।

16 प्रतिशत आरक्षण का होगा प्रावधान

विधेयक में मराठा समाज के लिए 16 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान होगा। अब तक विपक्ष ने पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट सदन में पेश करने की मांग करते हुए काफी हंगामा किया, लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं हुई।

इस मुद्दे पर बुधवार को हुई थी बैठक

बुधवार को ही मराठा आरक्षण को लेकर विधानसभा स्‍पीकर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। बैठक में सीएम देवेंद्र फडणवीस, कैबिनेट की उप समिति सहित विपक्ष के सभी नेता मौजूद रहे। सरकार मराठा आरक्षण को लेकर आम सहमति बनाने की कोशिश कर रही थी। सदन में मराठा समाज के लिए रिपोर्ट और बिल ड्राफ्ट पर चर्चा भी हुई। इससे पहले विरोधी पार्टी के लोग मराठा आरक्षण पर आई रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मांग कर रहे थे।

मंगलवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ

गौरतलब है कि मराठा कोटा पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (एसबीसीसी) की रिपोर्ट को सदन में पेश करने की मांग को लेकर मंगलवार को भी जमकर हंगामा हुआ था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्षी दलों पर मराठा कोटा पर त्वरित कार्रवाई में बाधा डालने का आरोप लगाया था।

पिछड़ा वर्ग आयोग ने मराठों को 16% आरक्षण देने की सिफारिश वाली रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी

इससे पहले 15 नवंबर को महाराष्ट्र पिछड़ा वर्ग आयोग ने मराठों को 16 फीसद आरक्षण देने की सिफारिश करते हुए अपनी रिपोर्ट भी सरकार को सौंप दी थी। इसमें कहा गया था कि महाराष्ट्र में 30 फीसदी आबादी मराठों की है, इसलिए उन्हें सरकारी नौकरी में आरक्षण दिए जाने की जरूरत है।

राज्य में 79 प्रतिशत हैं मराठा खेतिहर

महाराष्ट्र में मराठा समाज की आबादी कुल जनसंख्या का 32.4 प्रतिशत है। इनमें से 79 प्रतिशत मराठा खेतिहर हैं। राज्य सरकार ने विधानसभा में कहा कि इससे ओबीसी आरक्षण में किसी तरह की कमी नहीं की जाएगी। वर्तमान में प्रदेश में कुल 52 प्रतिशत आरक्षण है।

मराठा समाज 3 साल से बना रहा दबाव

महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में मराठा समुदाय ने आरक्षण की मांग को लेकर कई बड़े मोर्चे निकाले, जिनसे सही मायने में सरकार पर दबाव बना. कई मोर्चे एकदम शांतिपूर्ण तरीके से, बिना किसी उपद्रव के निकाले गए थे.

आयोग ने 2 लाख लोगों से की बात

पिछड़ा वर्ग आयोग, जिसे मराठा आरक्षण की रिपोर्ट तैयार करने का काम सौंपा गया था, उसने राज्य के 2 लाख से ज्‍यादा लोगों से बातचीत की, फिर दस्तावेजों के आधार पर रिपोर्ट सरकार को सौंपी. आयोग ने इस बात की पड़ताल की कि क्‍या मराठा समुदाय वाकई पिछड़ा है? इस समुदाय की पहले क्‍या स्थिति थी और मौजूदा स्‍थ‍िति कैसी है? ऐसे ही अन्‍य कई विषयों पर गौर करने के बाद आयोग ने रिपोर्ट में ये माना है कि मराठा समुदाय सामाजिक तौर पर और शिक्षा में पिछड़ा है.

Web Title : 16% reservation in education and employment to Maharashtra / Marathas