26/11 के मास्टर माइंड हाफिज सईद को बड़ा झटका, जमात-उद-दावा आतंकी संगठन घोषित

इस्‍लामाबाद : आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर बढ़ते अंतर्राष्‍ट्रीय दबाव के बीच अंतत: पाकिस्‍तान की सरकार ने मुंबई हमलों के मास्‍टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ शिकंजा कसते हुए उससे जुड़े संगठन जमात-उद-दावा (JuD) को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति ममनून हुसैन ने इससे संबंधित एक अध्‍यादेश पर हस्‍ताक्षर किए हैं, जिसके बाद जमात आतंकवादी संगठनों की फेहरिस्‍त में शामिल हो गया है।

पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति ममनून हुसैन ने जिस अध्‍यादेश पर हस्‍ताक्षर किए हैं, उसका उद्देश्‍य संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) द्वारा प्रतिबंधित व्यक्तियों और लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा तथा तालिबान जैसे संगठनों पर अंकुश लगाना है। आतंकवादी संगठनों की इस सूची में हाफिज से संबद्ध संगठन जमात-उद-दावा और फला-ए-इंसानियत फाउंडेशन (FIF) भी शामिल है।

पाकिस्‍तानी समाचार-पत्र ‘डॉन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्‍ट्रपति ममनून हुसैन ने इस अध्‍यादेश पर शुक्रवार को हस्‍ताक्षर किया, जिसे सोमवार को सार्वजनिक किया गया। यह अध्यादेश आतंकवाद निरोधक अधिनियम (ATA) की धारा 11-B और 11-EE में संशोधन करता है। दोनों धाराओं में एक उप-धारा aa भी जोड़ी गई है, जो संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा प्रतिबंधित व्‍यक्तियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, उनके कार्यालयों तथा बैंक खातों को सील करने का अधिकार प्रशासन को देता है।

इससे पहले 2 फरवरी को राष्‍ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) ने पाकिस्‍तान के विभिन्‍न मंत्रालयों को इस संबंध में निर्देश देते हुए कहा था कि वे ‘जरूरी कदम’ जल्‍द से जल्‍द उठाएं।

पाकिस्‍तान ने इससे पहले जमात के वित्‍तीय चंदा लेने पर पाबंदी लगाई थी, लेकिन अध्‍यादेश पर राष्‍ट्रपति के हस्‍ताक्षर के बाद यह घोषित तौर पर आतंकी संगठन हो गया है। लेकिन पाकिस्‍तान का यह कदम अंतर्राष्‍ट्रीय समुदाय की आंखों में धूल झोंकने वाला भी हो सकता है, क्‍योंकि यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जबकि 18-23 फरवरी के बीच पेरिस में फाइनेंसियल एक्‍शन टास्‍क फोर्स (FATF) की बैठक होने वाली है। इसमें मनी लॉन्डरिंग जैसे मामलों को लेकर अलग-अलग देशों की निगरानी होती है और भारत तथा अमेरिका इस पर जोर दे रहे हैं कि पाकिस्‍तान को मनी-लांड्रिंग तथा आतंकवादियों को फंड मुहैया कराए जाने को लेकर ‘ग्रे लिस्‍ट’ में डाला जाए।

जानकारों के मुताबिक, FATF पाकिस्‍तान के खिलाफ कोई कड़ा कदम उठा सकता है, जिसके मद्देजनर यह पूरी कवायद की जा रही है और पाकिस्‍तान खुद को पाक साफ दिखाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन यह बात दीगर है कि अध्‍यादेश एक समय के बाद निरस्‍त हो जाता है, जब तक कि उस पर संसद मुहर न लगा दे। ऐसे में यह देखने वाली बात होगी कि पाकिस्‍तान हाफिज जैसे आतंकवादियों और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कितना गंभीर है?

Web Title : 26/11 master Mind Hafiz Saeed declared a big blow, Jamaat-ud-Dawa terrorist organization