पत्रकार हत्‍याकांड में राम रहीम समेत 4 अन्‍य दोषी करार, सजा का ऐलान 17 जनवरी को

17 साल पुराने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट ने डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम समेत अन्‍य आरोपियों को दोषी करार दिया है. सजा का ऐलान 17 जनवरी को होगा. गुरमीत राम रहीम हत्‍या का मुख्‍य आरोपी था.

नई दिल्ली: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में दोषी करार दिया गया है. पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने शुक्रवार को ये फैसला सुनाया. इस मामले में सुनवाई के लिए गुरमीत राम रहीम को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए अदालत में पेश किया गया. इस मामले में चार आरोपी थे. अदालत ने सभी को दोषी करार दिया है. 17 जनवरी को सजा का ऐलान किया जाएगा. 2002 के इस मामले में राम रहीम को मुख्य षड्यंत्रकारी के रूप आरोपी बनाया गया था.

छत्रपति के समाचार पत्र ‘पूरा सच’ ने एक पत्र प्रकाशित किया था जिसमें यह बताया गया था कि डेरा मुख्यालय में राम रहीम किस प्रकार महिलाओं का यौन उत्पीड़न कर रहा है. इसके बाद छत्रपति को अक्टूबर 2002 में गोली मार दी गई थी. गंभीर रूप से घायल होने के कारण पत्रकार की बाद में मौत हो गई थी और 2003 में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था. इस मामले को 2006 में सीबीआई को सौंप दिया गया था.

फैसला सुनाए जाने से पहले हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. हरियाणा विशेषकर पंचकूला, सिरसा (डेरा मुख्यालय) और रोहतक जिलों में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सशस्त्र पुलिस, दंगा रोधी पुलिस और पुलिस बल की कई कंपनियां तैनात की गईं. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पंचकूला अदालत परिसर के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. हरियाणा पुलिस ने अदालत जाने वाले मार्ग पर अवरोधक लगा दिए. जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि लोगों को अनावश्यक रूप से एकत्र होने की अनुमति नहीं दी जाए और अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए. पुलिस ने बताया कि हरियाणा में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के निकट अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है.

उल्लेखनीय है कि राम रहीम को बलात्कार के एक मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद अगस्त 2017 में हरियाणा के सिरसा और पंचकूला में हिंसा भड़क गई थी. उस हिंसा में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे. 51 वर्षीय राम रहीम अपनी दो महिला अनुयायियों के बलात्कार के मामले में इस समय रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल के कारावास की सजा काट रहा है. पंजाब में डेरा के बड़ी संख्या में अनुयायी होने के मद्देनजर बठिंडा और फिरोजपुर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

छत्रपति हत्याकांड में ऐसे आया राम रहीम का नाम

मामला 16 साल पहले साल 2002 के मई महीने से शुरू हुआ, जब पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने अपने अखबार पूरा सच में राम रहीम पर साध्वियों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों वाला गुमनान पत्र छापा था, जिससे डेरा प्रमुख राम रहीम और डेरा सच्चा सौदा की बदनामी होने लगी। डेरे की बदनामी होने के कारण पत्रकार रामचंद्र को धमिकयां मिलनी शुरू हो गई, जिसके कुछ महीनों बाद ही 24 अक्टूबर 2002 को डेरे के लोगों ने रामचंद्र को उसके घर के बाहर बुलाकर उनपर गोलियां चलाई। इस हमले में रामचंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए, हालांकि मौके पर ही हमलावरों को पुलिस ने पकड़ लिया, जिनसे पूछताछ करने पर सामने आया कि हमलावर डेरे से जुड़े हुए थे।

वहीं रामचंद्र की मौत के बाद 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में जिसके बाद उनके बेटे अंशुल छत्रपति ने मामले में सीबीआई से जांच की मांग के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की। नवंबर 2003 में हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की गई, एफआईआर में गुरमीत राम रहीम के साथ डेरा प्रेमी किशनलाल, निर्मल व कुलदीप आरोपी बनाए गए, जिनपर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा।

दिसंबर 2003 में इस केस की जांच शुरू हुई, हालांकि 2004 में डेरा सच्चा सौदा ने यह जांच रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा की याचिका खारिज कर दी और कहा कि जाँच तो सीबीआई ही करेगी। जिसके बाद से लगातार अब तक तक मामले में हुई सैकड़ों पेशी भुगतने के बाद आखिर आज कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है, जिसके बाद अब पीड़ित पक्ष को न्याय मिला है।

सुनारिया जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है राम रहीम

रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड राम रहीम के जिन कारनामों को उजागर करने पर घटित हुआ, उसी कारनामों के मामले में राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। वो मामला डेरा सच्चा सौदा की शरण में साध्वियों के रूप में आई युवतियों के यौन शोषण का है, जिसमें साध्वियों ने एक गुमनाम पत्र में राम रहीम पर यौन शोषण को आरोप लगाते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री को लिखा था, जिसकी एक प्रति रामचंद्र ने अपने अखबार में छाप दी थी।

Web Title : 4 others convicted, including Ram Rahim in journalist massacre