भारत और साउथ कोरिया के बीच 7 एमओयू हुए साइन, मून बोले- मोदी की एक्ट ईस्ट पॉलिसी ने किया प्रभावित

नई दिल्ली: बीते दिन नोएडा में सैमसंग के प्‍लांट का उद्घाटन के बाद मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जे इन के बीच साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। एएनआई के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत एवं दक्षिण कोरिया के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को विस्तार देने के लिये हमने कदम उठाये हैं।भारत और साउथ कोरिया के बीच इन समझौतों पर हुए हस्ताक्षर, मून बोले- मोदी की एक्ट ईस्ट पॉलिसी ने किया प्रभावित

उन्होंने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में शांति प्रक्रिया शुरू करने का श्रेय राष्ट्रपति मून को जाता है। वहीं आगे कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में शांति प्रक्रिया में भारत पक्षकार रहा है और क्षेत्र में शांति के लिये हमारा योगदान जारी रहेगा।

तो इस दौरान दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जे ने कहा कि इंडिया कोरिया पिछले 45 सालों से विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध को विकसित कर रहा है और 2015 में पीएम मोदी के दौरे ने इन रिश्तों को मजबूत करने के लिए आगे कि प्लानिंग बनाई।
वहीं उन्होंने यह भी कहा कि अब पीएम मोदी की एक्ट ईस्ट पॉलिसि को तीन साल हो चुके हैं जो कि कोरिया कॉरपोरेशन के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो चुकी है। लेकिन अब मैं एक नई साउथर्न पॉलिसी पर जोर दे रहा हूं जो भारत और कोरिया के बीच कॉरपोरेशन की का काम करेगी। एमओयू साइन करने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि साउथ कोरिया के सहयोग से मेक इन इंडिया मिशन के तहत भारत में रोजगार के अवसरों में काफी वृद्धि हुई है।
पीएम मोदी ने की साउथ कोरिया की तारीफ
ज्‍वॉइन्‍ट प्रेस कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरिया गणराज्य की प्रगति विश्व में अपने आप में एक अनूठा उदाहरण है। कोरिया के जनमानस ने दिखाया है कि अगर कोई देश एक समान नजरिए और उद्देश्य के प्रति वचनबद्ध हो जाता है तो असंभव लगने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। कोरिया की यह प्रगति भारत के लिए भी प्रेरणादायक है। पीएम मोदी ने कहा कि यह बहुत खुशी का विषय है कि कोरिया की कंपनियों ने भारत में न सिर्फ़ बड़े स्तर पर निवेश किया है, बल्कि मेक इन इंडिया से जुड़ कर भारत में रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। भारत और साउथ कोरिया के बीच कुल 11 एमओयू साइन हुए हैं जो बायो-टेक्‍नोलॉजी और बायो-इकोनॉमिक्‍स के क्षेत्र से जुड़े हैं। इसके अलावा आईसीटी और टेलीकम्‍यूनिकेशन के क्षेत्र में भी एमओयू साइन हुआ है।
मून ने याद दिलाए 45 वर्षों के संबंध
वहीं, राष्‍ट्रपति मून जे इन ने कहा कि भारत और साउथ कोरिया के बीच 45 वर्षों में अलग-अलग क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध विकसित हुए हैं। साल 2015 में पीएम मोदी के दौरे से इन संबंधों में और मजबूती आई और अब यह खास रणनीतिक संबंध में तब्‍दील हो गए हैं। सोमवार को मून और पीएम मोदी ने नोएडा में दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री का उद्घाटन किया था। द्विपक्षीय वार्ता के अलावा दोनों नेता भारत-रिपब्लिक ऑफ कोरिया के सीईओ को भी संबोधित करेंगे। दोनों नेता बैठक में इकॉनोमिक, निवेश आदि पर चर्चा करेंगे। कोरियाई राष्ट्रपति बुधवार को अपने देश वापस लौटेंगे। मून जे ने, पीएम मोदी को साल 2020 में साउथ कोरिया आने का न्‍यौता दिया है।

Web Title : 7 MoU signed between India and South Korea