राजस्थान चुनाव में 88 पार्टियां मैदान में, सभी सीटों पर सिर्फ बीजेपी के कैंडिडेट

जयपुर: राजस्थान विधानसभा चुनाव का प्रचार अंतिम चरण में है। सभी पार्टियों के दिग्गज मतदाताओं को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पार्टियां 5 दिसंबर शाम 5 बजे तक प्रचार कर सकेंगी. राजस्थान चुनाव में विधानसभावार घुम रहे लोगों को कहना है कि इस बार का चुनाव निर्दलीय, बागी और छोटी पार्टियों के उम्मीदवारों ने दिलचस्प बना दिया है. ये कितना वोट पाएंगी ये तो नहीं कहा जा सकता है, लेकिन उन्होंने दूसरी पार्टियों का समीकरण बिगाड़ दिया है.

बता दें कि राजस्थान चुनाव में इस बार 88 राजनैतिक पार्टियां मैदान में हैं. यह किसी भी राज्य का एक रिकॉर्ड है. खास बात है कि इन 88 पार्टियों में कुल 7 पार्टियां ही राष्ट्रीय हैं. बाकी 81 पार्टियां गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत पार्टियां हैं. पार्टियों को राष्ट्रीय या राज्य स्तर का दर्ज पाने या बरकरार रखने के लिए लोकसभा-विधानसभा चुनाव में कम से कम छह प्रतिशत वोट हासिल करना जरूरी होता है. इससे कम वोट पर उसे ये दर्जा नहीं मिल पाता है.

राज्य स्तर की पार्टी होने के लिए जरूरी चीजें
> राज्य में हुए कुल मतदान का 6 प्रतिशत हासिल किया हो.
> राज्य की विधानसभा सीट में कम से कम 3 सीट पर जीत दर्ज की हो.
> कोई पार्टी लोकसभा के लिए उस राज्य के लिए आवंटित प्रत्येक 25 सीटों या उस संख्या की किसी भिन्न के पीछे कम से कम 1 सीट प्राप्त करती है.
> यदि कोई पार्टी लोकसभा या राज्य विधानसभा के आम चुनाव में किसी राज्य में एक भी सीट नहीं जीत पाती है, लेकिन राज्य में डाले गए कुल वैध मतों में से 8% मत प्राप्त करती है.

राष्ट्रीय पार्टी होने की शर्तें
> कोई पार्टी कम से कम 3 राज्यों को मिलाकर लोकसभा की 2% सीटें (2014 के चुनाव के अनुसार 11 सीटें) जीतती है.
> कोई पार्टी 4 लोकसभा सीटों के अलावा लोकसभा या विधान सभा चुनाव में चार राज्यों में 6% वोट प्राप्त करती है.
> कोई पार्टी चार या चार से अधिक राज्यों में क्षेत्रीय पार्टी के रूप में मान्यता रखती है.
> चुनाव आयोग ने 22 अगस्त को एक नियम में संशोधन किया था जिसके तहत वह किसी राष्ट्रीय या राज्य की पार्टी के दर्जे की समीक्षा पांच साल के बदले 10 साल में करेगा.

राजनीति में बने रहने के लिए
कोई राजनीतिक दल इन नियमों के पैरा 6 क और 6 ख के अधीन राष्ट्रीय या राज्यीय दल के रूप में मान्यता प्राप्त है तो उसके उसी रूप में बने रहने के लिए अनिवार्य है कि वो उक्त प्रावधानों को पूरा करे.

55 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त दल

{अखंड भारत महासंघ सर्वहारा क्रांतिकारी पार्टी {अखिल भारतीय कांग्रेस दल (अंबेडकर) {अखिल भारतीय क्रांति दल {अखिल भारतीय आमजन पार्टी {ऑल इंडिया हिंदुस्तान कांग्रेस पार्टी {अवामी आमजन पार्टी {भारत नव निर्माण पार्टी {भारत रक्षक पार्टी (डेमोक्रेटिक) {भारतीय राष्ट्रवादी समानता पार्टी {भारतीय युवा शक्ति {भारतीय जनहितकारी पार्टी {भारतीय पार्टी {भारतीय प्रजा जन पार्टी, भारतीय पब्लिक लेबर पार्टी {दलित कांति दल, इंडियन इंदिरा कांग्रेस (आर) {इंडियन पीपुल्स ग्रीन पार्टी, जनता सेना राजस्थान {क्रांति परिषद {लोक परित्राण, महाराणा क्रांति पार्टी {मजदूर किसान अकाली दल {मर्यादी दल {मेघ देशम पार्टी {नेशनल बैकवर्ड (मूल) {दलित {माइनोरिटीज क्रांति दल {नेशनल फ्यूचर पार्टी {नेशनल जनसत्ता पार्टी {नेशनल यूनियनिस्ट जमींदारा पार्टी {नेशनल विकास पार्टी (इंडिया) {नेशनलिस्ट पीपुल्स फ्रंट {नया भारत पार्टी {पीपुल्स लिबरल पार्टी {प्रिज्म {राजस्थान देव सेना दल {राजस्थान जनसत्ता {राजस्थान विकास पार्टी {राष्ट्र भक्त दल {राष्ट्रवादी मार्क्सवादी दलित लहर पार्टी {शाइनिंग इंडिया पार्टी {स्वच्छ भारत पार्टी {भारतीय किसान पार्टी {भारत वाहिनी पार्टी {सर्वशक्ति दल {भारतीय जनसत्ता पार्टी {पंच पार्टी, अभिनव राजस्थान पार्टी {राजस्थान जनता पार्टी {खुशहाल किसान पार्टी {राष्ट्रीय अतुल्य युवा पार्टी {ग्रीन पार्टी ऑफ इंडिया {राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी {भारतीय लोकतांत्रिक पार्टी {राष्ट्रीय जन समर {विकास मंच {राष्ट्रीय साफ नीति पार्टी।

राजस्थान में विधानसभा की 200 सीटें हैं. इस चुनाव में बीजेपी ही एक मात्र पार्टी है जो सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारी हुई है. दूसरी नंबर पर कांग्रेस है, जिसके प्रत्याशी 195 सीटों पर मैदान में हैं. बीएसपी ने भी इस बार लंबी लाइन खींचने की कोशिश की है. उसने कुल 190 सीटों पर कैंडिडटे उतारा है. इसके बाद आम आदमी पार्टी ने 142, भावापा ने 63, रालोपा ने 58 और आरापा ने 61 सीटों पर प्रत्याशी मैदान में उतारा है.

Web Title : 88 parties in the Rajasthan elections,