अलवर मॉब लिंचिंग: थानेदार लाइन हाजिर व एएसआई को किया निलंबित, गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली: अलवर मॉब लिंचिंग केस में राजस्थान सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुये एसएचओ को लाइन हाजिर करने के साथ ही एएसआई को निलंबित कर दिया है। लेकिन कांग्रेस ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। इधर पुरे मामले में पुलिस की भूमिका पर उठे सवालों के बाद अब मामले की जांच जयपुर रेंज कार्यालय के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राइम एंड विजिलेंस को सौंपी गई है।

इस मामले में गृह मंत्रालय ने भी राजस्थान सरकार से रिपोर्ट तलब की है। गृह राज्य मंत्री किरिन रिजिजू ने कहा कि, केंद्र ने सभी राज्य सरकारों को इस मामले में कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ किया कि, मॉब लिंचिंग के मामले में किसी भी सूरत में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।Alwar Lynching ANI

राजस्थान का अलवर जिला हरियाणा के मेवात इलाके से सटा है। अलवर और मेवात से गोतस्करी की खबरें सुनने को मिलती रहती हैं। ज्यादातर मामलों में सच्चाई के बारे में जानकारी नहीं मिलती है कि जो लोग पकड़े जाते हैं वो गोतस्करी में संलिप्त होते हैं या नहीं। ये सब जांच का विषय है। à¤…लवर मॉब लिंचिंग  :  रकबर के भाई ने कहा, हमें पुलिस पर संदेह नहीं लेकिन हत्यारों को सजा मिले

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलवर मॉब लिंचिंग मामले में जहां पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगे हैं, वहीं इस मामले से जुड़े पुलिस एएसआई मोहन सिंह ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि, ‘मैंने गलती कर दी, सबसे कह दी, कैसे भी मान लो। सीधी सी बात है, सजा दो या छोड़ दो। कहने को क्या बचा है अब।’ बता दे कि इस मामले में पीड़ित एवं घायल को अस्पताल पहुंचाने में पुलिस द्वारा लापरवाही किए जाने के आरोप भी लगे हैं। आरोप है कि पुलिसकर्मी पहले दो गायों को लेकर 10 किलोमीटर दूर गौशाला गए और उसके बाद रकबर को अस्पताल लेकर गए। स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र के ओपीडी रजिस्‍टार के मुताबिक रकबर को सुबह 4 बजे वहां लाया गया था। जबकि एफआईआर में कहा गया है कि गोरक्षक नवलकिशोर शर्मा ने रात 12 बजकर 41 मिनट पर इस हमले के बारे में पुलिस को सूचना  दे दी गई थी।

21 जुलाई की रात में एक शख्स रकबर खान को कुछ लोगों मे गोतस्करी के शक में पिटाई की। रकबर खान को गंभीर चोट आई। मौके से ही किसी शख्स ने पीसीआर को जानकारी दी। पीसीआर आई,रकबर को अपनी जीप में लादा और अस्पताल लेकर रवाना हुई। लेकिन असली कहानी अब यहीं से शुरू होती है। हालांकि इस मामले में राजस्थान सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एसएचओ को लाइन हाजिर कर

रकबर खान की मौत पर बीजेपी के ही एक विधायक ज्ञान देव आहुजा ने कहा था कि गोरक्षकों को बदनाम किया जा रहा है, हकीकत में उसकी मौत के लिए राजस्थान पुलिस जिम्मेदार है। इस संबंध में राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद्र कटारिया ने कहा था कि पहली नजर में ऐसा नहीं लगता है। लेकिन प्याज के छिलके की तरह परत दर परत खुलती गई। जब इस तरह की खबर आई कि 6 किमी दूर स्थित अस्पताल तक जाने में पुलिस की जीप को तीन घंटे लग गए तो पुलिस अपने बचाव में उतरी। लेकिन टाइम्स नाउ के पास  सीसीटीवी फुटेज है जिसे देखकर कोई भी कह सकता है पुलिस झूठ बोल रही है।

अब इस मामले में राजस्थान पुलिस के डीजीपी मे स्थानीय पुलिस की भूमिका की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित की है। उस टीम को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस मामले में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि क्या यही है आप के न्यू इंडिया का विजन। राहुल गांधी के इस बयान पर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उन्हें हर अपराधों पर कूदने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए।

Web Title : Alwar Mob Lynching: Suspended Line Spot and ASI Suspended