रियाद
अमेरिका और ईरान में बढ़े तनाव के बीच सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमला हुआ है। सऊदी अरब ने सोमवार को कहा कि संयुक्त अरब अमीरात के जलक्षेत्र में उसके 2 तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया, जिससे काफी नुकसान हुआ। यह घटना ऐसे समय घटी है जब अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने अपनी मॉस्को की प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी और ईरान पर यूरोपीय अधिकारियों से चर्चा के लिए ब्रसेल्स गए हैं।
उधर, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में पोतों पर अमेरिका और ईरान से तनाव के बीच सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमलो को चिंताजनक बताते हुए जांच की मांग की है। तेहरान ने आगाह किया कि समुद्री सुरक्षा को भंग करने के लिए विदेशी प्लेयर्स कोई दुस्साहस कर सकते हैं। अमेरिका ने पहले ही क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। यही नहीं, ईरान की ओर से पैदा हुए कथित खतरे का मुकाबला करने के लिए फारस की खाड़ी में अमेरिका इ-52 बमवर्षक विमानों की तैनाती कर रहा है।
सऊदी ने कहा, सुरक्षा खतरे में
विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि सऊदी अरब (ईरान के धुर विरोधी) ने हमले की निंदा की है। दरअसल, संयुक्त अरब अमीरात के समुद्री क्षेत्र के पास सऊदी के कमर्शल और सिविलियन जहाजों को टारगेट किया गया। सूत्र ने बताया, ह्यआपराधिक कृत्य से समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया है और इससे क्षेत्र ही नहीं अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा पर भी विपरीत असर होगा।ह्ण यूएई ने रविवार को कहा कि कई देशों के चार कमर्शल जहाजों पर फुजैरा शहर के अपतटीय क्षेत्र में हमला किया गया। सऊदी के ऊर्जा मंत्री खालिद अल-फालिह ने कहा कि दो टैंकरों को काफी नुकसान हुआ है लेकिन किसी व्यक्ति को चोट नहीं पहुंची और न ही तेल फैला। रढअ स्टेट न्यूज एजेंसी ने फालिह के हवाले से बताया, ह्यवअए के विशेष आर्थिक जोन में टैंकरों पर तोड़फोड़ की गई। उस समय ये जहाज अरब खाड़ी को पार कर रहे थे।
अमेरिका के लिए तेल लोड करने जा रहा था जहाज
गौरतलब है कि फुजैरा पोर्ट यूएई का अकेला ऐसा टर्मिनल है जो अरब सागर के तट पर स्थित है और इस रास्ते से ज्यादातर गल्फ आॅइल का निर्यात होता है। ईरान लगातार यह चेतावनी देता रहा है कि अमेरिका के साथ सैन्य तनाव बढ़ा तो वह हॉर्मूज जलडमरूमध्य को बंद
कर देगा।