राष्ट्रपति कोविन्द पर बयान देकर बुरे फंसे सीएम गहलोत!

कहा,जातिगत वोट प्राप्त करने के लिए बीजेपी ने रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बनाया सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के बाद ट्वीट कर दी सफाई, बीजेपी ने गहलोत पर लगाया जातिगत राजनीति करने का आरोप

कहा,जातिगत वोट प्राप्त करने के लिए बीजेपी ने रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बनाया
सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के बाद ट्वीट कर दी सफाई, बीजेपी ने गहलोत पर लगाया जातिगत राजनीति करने का आरोप

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेस में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी जाति के आधार पर राजनीति करती है। उसने दलित होने की वजह से रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बनाया, जबकि आडवाणी जैसे नेताओं की अनदेखी की। गहलोत का ये बयान आने के बाद सोशल मीडिया पर खुब ट्रोल हुआ। चुनाव आयोग की सख्ती के चलते गहलोत ने प्रेस कांफे्रस के एक घंटे बाद ही ट्वीट कर सफाई दी कि वे राष्ट्रपति का सम्मान करते है वे खुद व्यक्तीगत रूप से कोविंद से मिले है। उन्होने सफाई देते हुए कहां कि उन्होने भाजपा की वोट पाने की नीति पर सवाल उठाया था वो भी एक आर्टिकल को पढ़ने के बाद। हांलाकि गहलोत के बयान के बाद राजनीति गर्मा गई है बीजेपी ने गहलोत को निशाने पर लिया है। केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने गहलोत पर जातिगत राजनीति टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की है।

यहां देखें क्या बोले गहलोत पूरी प्रेसवार्ता में

जयपुर में अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत में गहलोत ने कहा कि गुजरात चुनाव के दौरान भाजपा घबरा चुकी थी। तब जातीय समीकरण बैठाने के लिए रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति बनाया गया। गहलोत ने केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रवैया पांच साल में भी समझ में नहीं आया। केन्द्र सरकार भाजपा की राज्य सरकारों से झूठे आंकड़े मांगती रही और अपनी कमी को आंकडों के जाल में छिपाने में लगी रही। इस सरकार ने जुमलेबाजी के सिवाय कुछ नहीं किया।
इसलिए अब एयर स्ट्राइक का मुद्दा उठा रहे हैं। ये जुमले भाजपा सरकार को ले डूबेंगे। गहलोत ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए, लेकिन कभी इसका श्रेय नहीं लिया। क्योंकि हर सरकार में सर्जिकल स्ट्राइक होती है, लेकिन ये बातें किसी को बताने की नहीं होती।

Web Title : ashok gehlot controversial speech about president ramnath kovind