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जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सत्य, अहिंसा, शांति और सादगी का संदेश जन-जन तक पहुंचे और वर्तमान पीढ़ी गांधीवादी विचारों को आत्मसात कर सके, इसी उद्देश्य से गांधीजी के 150वें जयंती वर्ष के कार्यक्रम 2 अक्टूबर के बाद भी अगले एक साल तक मनाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि गांधीवादी विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में जुटी संस्थाओं से इस संबंध में चर्चा की जाएगी। गहलोत सोमवार को जयपुर के निकट भानपुर कलां गांव में गांधीजी की 150वीं जयंती के तहत आयोजित 10 दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर के समापन के अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए नौजवानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत की विश्व में एक अलग पहचान गांधी जी और उनके विचारों के कारण है। 2 अक्टूबर को पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाता है।
विचारों को फैलाएगा शांति व अहिंसा विभाग
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधीजी के दिए शांति, सद्भाव, सहिष्णुता एवं अहिंसा के संदेश को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने के मकसद से हमारी सरकार ने प्रदेश में शांति एवं अहिंसा विभाग स्थापित करने का सैद्धांतिक फैसला लिया है। शुरूआत में इसे प्रकोष्ठ के रूप में स्थापित कर धीरे-धीरे विभाग में तब्दील किया जाएगा।
लोकतंत्र की मजबूती कायम रखें युवा
गहलोत ने कहा कि आज देश को एकजुट रखने के लिए गांधी जी के शांति और अहिंसा के संदेश को अपनाने की जरूरत है। भाषा और संस्कृति की विविधताओं के बाद भी भारत देश आज एक है। आजादी के 70 साल बाद भी हमारे लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हैं। हमारे युवाओं को लोकतंत्र की इस मजबूती को कायम रखना है, क्योंकि लोकतंत्र की ताकत जनता से है।
शिविरों में सीखी बातें जीवनभर की पूंजी
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकता शिविर में आए नौजवानों का आह्वान किया कि वे यहां से देश की एकता और अखंडता का जो संदेश लेकर जा रहे हैं। उसे अपने-अपने प्रदेशों में नौजवानों तक पहुंचाये। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों में सीखी हुई बातें पूरे जीवन की पूंजी बन जाती हैं, जिन्हें अपनाकर व्यक्ति सफलता प्राप्त करता है चाहे वह राजनीति में हो, समाज सेवा में अथवा अन्य किसी क्षेत्र में। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह के शिविर अधिक से अधिक आयोजित हों इस दिशा में प्रयास किए जाएंगे और राज्य सरकार इसमें सहयोग करेगी।
नौजवानों को एकजुटता का संदेश दे रहे हैं डॉ. सुब्बाराव
गहलोत ने गांधीवादी विचारक डॉ. एस.एन. सुब्बाराव की तारीफ करते हुए कहा कि जब मैं 15 साल का था तब उनसे पहली बार जोधपुर में एक कार्यक्रम में मिला था। उनसे मेरा 50 साल से ज्यादा का रिश्ता है। अपनी शानदार आवाज से युवाओं में जोश भरने के साथ-साथ वे देश की एकजुटता का संदेश देने में पिछले छह दशक से जुटे हुए हैं। गहलोत ने भानपुर कलां के सरपंच रामसहाय कांकरेलिया की मांग पर भानपुर कलां गांव में पानी की समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत द्वारा राज्य सरकार को भेजी गई दो करोड़ रुपए की योजना को शीघ्र स्वीकृति देने की घोषणा की।