बाड़मेर के 25 युवाओं का सेना में सलेक्शन, जोधपुर में हुआ प्रतिभा सम्मान समारोह

बाड़मेर: थार नगरी बाड़मेर से किसान परिवार से 25 युवाओं ने अपना भारतीय सेना में चयनित होकर बाड़मेर का नाम गौरवान्वित किया। ये सभी युवा किसान वर्ग के हैं और ग्रामीण दुर्गम रेगिस्तानी इलाके के अभावग्रस्त क्षेत्र के रहने वाले हैं जिन्होंने सामान्य दिशा निर्देश से अपने घरों के दीपक रोशन अपनी मेहनत और लगन से विद्वानों के सानिध्य में रहकर राष्ट्र सेवा में अपने परिवार के ये पहले सरकारी सेवा में जाने वाले हैं। जोधपुर में हौसला अफजाई के लिए मास्टर डिफेंस एकेडमी की तरफ से उनका भव्य समान समारोह आयोजित किया गया।

एकेडमी डायरेक्टर चंपालाल चौधरी ने सभी युवाओं का माला साफा पहनाकर मान.सम्मान किया एवं भविष्य में एक अच्छे आर्मी आॅफिसर बनकर अपनी देश उच्च कोटि की सेवा में भूमिका निभाएं। अपने माता.पिता समाज, अपने जिले, राज्य और भारतीय सेना का नाम रोशन करें और देश का गौरव बढ़ाएं। एकेडमी ट्रेनर एक्स आर्मी मदन सिंह राठौर ने कहा सेना में सैनिक वफादारी ईमानदारीऔर अनुशासन के बहुत बेहतरीन ढंग से राष्ट्र सेवा करेंगे तो आप सफलतम और उच्च पदों तक अपना सेवाओं के साथ प्रमोशन समय से लेंगे।

डॉ आदर्श किशोर जाणी कमांडेंट जोर सिंह जी चौधरी ने तीन महीने तक इन युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण और मोटीवेट कर आज इस लायक बनाया।उनकी मेहनत की बदौलत 27 युवाओं का बाड़मेर से आर्मी में चयनित होना गर्व की बात है निदेशक चौधरी ने कहा यह थार का परिणाम दो महानुभाव की कड़ी लग्न से रहा। डॉ आदर्श किशोर व कमांडेंट जोर सिंह चौधरी लगातार 3 महीने निशुल्क कठिन परिश्रम करा कर किसान परिवार के घर में रोशनी जलाई। छात्रावास व्यवस्थापक ललित चौधरी ने कहा आर्मी शूटर पूनमाराम आर्य योग शिक्षक एठैथ् प्रभु राम कड़वासरा ने नि:शुल्क फिजिकल ट्रेनिंग दी कठिन परिश्रम कराकर युवाओं को ही सफलता हासिल करवाई। ससंस्थापक तरुण चौधरी ने नव चयनित सभी प्रतिभावान विद्यार्थियों को बधाई दी।

इसी दौरान सहीराम बिश्नोई पूर्व अध्यक्ष विश्नोई छात्र संघ सव्यवस्थापक शक्ति सिंह राठौर छात्रावास व्यवस्थापक हनुमान राम और मास्टर डिफेंस एकेडमी के सभी विद्यार्थी मौजूद रहे। सेना में नवचयनित अभ्यर्थियों ने अपना अनुभव शेयर किया।और कहा बाड़मेर और जैसलमेर के युवा सेना में जाकर राजस्थान के इतिहास को बदल सकते हैं।ये राजस्थान की धरती वीरों की धरती है इस मौके पर महाराणा प्रताप और महाराजा सूरजमल को भी याद कर उनके जैसे योद्धा बनने के प्रेरणा लेनी होगी।

विद्यार्थियों से आह्वान किया कि आप जिस तरह अभ्यास कर रहे हैं निश्चित ही एक साल बाद आप भी सेना में अधिकारी बनकर राष्ट्र सेवा में अपना योगदान देंगे। इस समय संस्थान में बाड़मेर जैसलमेर के 70 से ज्यादा युवा सेना में भर्ती की पूर्व तैयारी के लिए सुबह शाम पसीना बहा रहे हैं।

Web Title : Barmer's 25 young men in selection