उपचुनाव की हार के बाद लोकलुभावन हो सकता है CM राजे का अंतिम बजट, पढ़ें बजट में क्या हो सकता है खास

जयपुर: सोमवार को प्रदेश की मुखिया वसुंधरा राजे अपने मौजूदा कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करेगी. चुनावी साल होने के चलते बजट से प्रदेशवासियों को काफी उम्मीदें है. उपचनुाव में मिली हार के बाद इस बजट में किसानों, कर्मचरियों, बेरोजगारों और अन्य नाराज दिख रहे वर्गों के लिए लोकलुभावन घोषणाएं होने की उम्मीद की जा रही है.

राजस्थान की पिछली कांग्रेस सरकार का अंतिम बजट बहुत लोकलुभावन रहा था और कई निःशुल्क योजनाओं की घोषणाएं की गईं थीं, हालांकि इसका कोई फायदा कांग्रेस सरकार को नहीं मिला था. यही कारण रहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कुछ समय पहले कहा था कि अंतिम बजट में वे लोकलुभावन घोषणाएं करने के बजाय अधूरे पड़े काम पूरे करने पर जोर देंगी. लेकिन, हाल में आए उपचुनाव के नतीजों के बाद स्थितियां काफी कुछ बदली हैं.

इस बजट में किसानों के लिए कर्ज माफी या केरल की तर्ज पर किसान कर्ज माफी आयोग के गठन की घोषणा हो सकती है. कांग्रेस और वामपंथी दलों सहित विभिन्न किसान संगठन इसे बड़ा मुद्दा बनाए हुए हैं और सरकार ने भी एक कमेटी गठित की हुई है. इस मुद्दे को लेकर किसान संगठन 22 फरवरी को विधानसभा पर बड़े प्रदर्शन का ऐलान भी कर चुके हैं. इसके साथ ही दो नए जिलों की घोषणा होने की सम्भावना भी बताई जा रही है.

मुख्यमंत्री राजे के पिछले कार्यकाल में ही प्रतापगढ को नया जिला बनाया गया था. इसके अलावा राजस्थान में चल रही भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना का दायरा तीन से बढ़ाकर पांच लाख किया जा सकता है. इसके साथ ही राजस्थान के कर्मचारियों के लिए भी कुछ घोषणाएं होने की सम्भावना है. इसके साथ ही प्रदेश के बेरोजगारों को राहत देने के लिए बड़ी संख्या में सरकारी भर्तियों की घोषणा भी हो सकती है. बजट में आर्थिक रूप से पिछड़ों के लिए भी कोई बड़ा पैकेज आ सकता है, क्योंकि आर्थिक पिछड़ों को आरक्षण देने का बिल पारित होने के बावजूद लागू होने की स्थिति में नजर नहीं आ रहा है.

कर्मचारी वर्ग को सरकारी की सौगात

प्रदेश के कर्मचारी वर्ग सरकार से काफी नाराज चल रहा है. इसे दूर करने के लिए इस बार बजट में टाइम बाउंड प्रमोशन का गिफ्ट भी मिल सकता है. पिछले साल 8 मार्च को विधानसभा में पेश राज्य बजट में कर्मचारी कल्याण से जुड़ी घोषणाएं बिन्दु संख्या 311 से 314 तक की गई थी. जिनमें बिंदु संख्या 311 में कर्मचारियो के सांतवे वेतनमान के लिए राज्य स्तर पर कमेटी बनाकर इसका लाभ देने की घोषणा की गई थी. बिंदु संख्या 312 में 50 वर्ष से अधिक अराजपत्रित अधिकारियों की 3 वर्ष में एक बार निशुल्क स्वास्थ्य जांच की घोषणा की गई थी लेकिन यह घोषणा भी अधूरी है.

किसानों के लिए सौगातें

वसुंधरा सरकार का इस बार ये आखिरी बजट होगा तो ऐसी उम्मीद सभी को है कि इस बार बजट में किसानों के लिए कुछ अच्छी खबरें आने की उम्मीद है. वर्तमान सरकार दावा कर रही है कि उन्होंने जितना भी किया है पिछली सरकारों ने आज तक उसका आधा भी नहीं किया. प्रदेश सरकार की बात करें तो उनका दावा है कि उन्होंने चार साल में किसानों के लिए 9551 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है जबकि कांग्रेस ने किसानों के लिए अपने कार्यकाल में 5893 करोड़ का प्रावधान किया था जो कांग्रेस सरकार से 62 प्रतिशत ज्यादा है. वहीं सरकार का दावा है. उसने चार साल में 1 करोड 32 लाख किसानों को 6 हजार करोड़ का कृषि आदान सहायता दी जा चुकी है. वहीं सहकारी विभाग ने भी चार सालों में किसानों को 61 हजार करोड़ का लोन बिना ब्याज के किसानों को दिया गया है.

मिल सकते हैं नए जिले

चुनावी साल में पेश होने वाले इस बजट में दमदार घोषणाओं की उम्मीद तो है ही खास तौर पर डीडवाना, ब्यावर, बालोतरा और कोटपूतली, बहरोड में से कुछ नए जिले बन सकते हैं. सत्ता पक्ष के विधायक भी लंबे समय से नए जिले बनाने की मांग कर रहे हैं और इसके लिए पूर्व में राज्य सरकार ने परमेश चंद्र कमेटी का गठन भी किया था. परमेश चंद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. बाड़मेर के बालोतरा और जयपुर के कोटपूतली और अलवर के बहरोड़ क्षेत्र को भी नए जिले बनाने पर विचार किया जा रहा है. ऐसे में अब देखना होगा कि सोमवार को जब मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का बजट पिटारा खुलेगा तो उसमें से किन क्षेत्रों को नए जिले की सौगात मिलती है.

Web Title : CM's final budget may be populist after the defeat of bypoll