कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में नकल गिरोह को लेकर कमिश्नरेट और रेंज पुलिस में ठनी, एसओजी करेगी जांच

जोधपुर। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल करवाने वाले भर्ती गिरोह के खुलासे की कार्रवाई को लेकर कमिश्नरेट और रेंज पुलिस में ठन गई है। जोधपुर कमिश्नरेट की जानकारी के बगैर रेंज की ग्रामीण पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए है। कमिश्नरेट पुलिस के अधीन इलाके में ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई से अब दोनों मतभेद सामने आ रहे है। वहीं इस मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों को इसी कारण बिना रिमांड लिए जेल भिजवा दिया गया है। मामले में एफआईआर जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में पूर्व जिले के खांडाफलसा पुलिस थाना में दर्ज करवाई गई है जिसकी जांच एसओजी को सौंप दी गई है। यह जांच एसओजी निरीक्षक शंकरलाल करेंगे।

जोधपुर रेंज व ग्रामीण पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर बुधवार को नकल भर्ती गिरोह का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने इस मामले में जालोरी गेट स्थित अनुपम क्लासेज के संचालक भीखाराम जाणी तथा उसके सहयोगी अरूण पंवार व सुरेश विश्नोई के साथ ही हिंगोली भोपालगढ़ निवासी रामदीन पुत्र मानाराम बेनिवाल, न्यू आईजी स्टूडियो खेमे का कुआं निवासी रमेश प्रजापत पुत्र रूपाराम, सरदार गढिया, थाना गोगामेढ़ी जिला हनुमानगढ़ निवासी रघुवीरसिंह पुत्र निहालसिंह, कानावास का पाना डांगियावास निवासी भंवरलाल पुत्र गोकुलराम विश्नोई, कूदसू, थाना पांचू, जिला बीकानेर निवासी हरिनारायण पुत्र हनुमानराम, रसीदा डांगियावास निवासी मालाराम पुत्र भानाराम विश्नोई, सरनाडा की ढाणी निवासी मनीष पुत्र भीरमाराम, पचपदरा बाड़मेर निवासी निर्मल पालीवाल पुत्र जेठाराम को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इन सभी आरोपियों को गुरुवार को अदालत में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि उन्हें बाद में एसओजी द्वारा प्रोडक्शन वांरट पर लेकर रिमांड पर लिया जाएगा।

एसओजी करेगी जांच
बताया गया है कि इस मामले की जांच एसओजी से करवाई जाएगी क्योंकि ऐसे अपराधों की जांच एसओजी थाना ही करता है। जांच निरीक्षक शंकरलाल को सौंपी गई है। फिलहाल इस मामले को लेकर जोधपुर कमिश्नरेट व रेंज पुलिस के बीच मतभेद शुरू हो गए है। कमिश्नरेट कार्रवाई की वैद्यता को संदिग्ध बता रहा है तो रेंज पुलिस उसे पूरी तरह वैद्य कह रही है। कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि उनके क्षेत्राधिकार में घुसकर रेंज व ग्रामीण पुलिस ने कार्रवाई की है। अगर उनके पास ऐसे किसी गिरोह की सूचना थी तो वे उन्हें सूचना दे सकते थे लेकिन उन्होंने यह कार्रवाई गुप्त तरीके से उनसे छिपाते हुए की।

कुछ और गिरफ्तारी संभव
बताया गया है कि इस मामले में कुछ और गिरफ्तारी संभव है। साथ ही पुलिस उन कोचिंग सेंटरों पर नजर रख रही है जो शर्तियां नौकरी लगवाने की गारंटी लेते है। पुलिस को अंदेशा है इस गिरोह ने करीब पचास से अधिक परीक्षार्थियों से रुपए लिए है। पुलिस को आरोपियों के कब्जे से ऐसे परीक्षा केन्द्रों की सूची भी मिली है, जहां मिलीभगत से अभ्यर्थियों को नकल कराने की साजिश थी। साथ ही कई ऐसे युवकों की जानकारी भी हाथ लगी है जो फर्जी अभ्यर्थी बनने वाले थे।

Web Title : Constable Recruitment Examination in the Commission and the Range Police Strike