दलित संगठनों ने भारत बंद के ऐलान को वापस लिया, शांतिपूर्वक तरीके से करेंगे विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली: दलित संगठनों ने गुरुवार को होने वाला भारत बंद वापस ले लिया है। केंद्र सरकार के लिए यह राहत की बात है। लोकसभा में एससी/एसटी संशोधन विधेयक पारित कर दिया गया जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट का आदेश पलट गया है। ऑल इंडिया आंबेडकर महासभा ने बुधवार को कहा, ‘एससी/एसटी ऐक्ट को लागू करने की हमारी बड़ी मांग पूरी हो गई है।’’ लेकिन दूसरी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे।’ दलित समुदाय केंद्र सरकार पर अपनी मांगों के लिए दबाव डाल रहा है और अपना संदेश सरकार तक पहुंचाने के लिए समुदाय के कार्यकर्ता दिल्ली के कनॉट प्लेस समेत कई व्यनस्तर सड़कों, बाजारों में प्रदर्शन और रैलियां करेंगे।

ये भी प्लान है कि वो जिला मुख्याललय से लेकर केंद्र सरकार तक याचिकाएं भेजी जाएंगी। अशोक भारती ने बताया कि उत्तर प्रदेश और बिहार में कई शहरों में दलित समुदाय के लोग विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। मध्य प्रदेश में तो शिवराज सरकार ने धारा 144 लगा दिया है। बता दें कि पिछली बार के भारत बंद से सबक लेते हुए मध्य प्रदेश पुलिस इस बार हाई अलर्ट पर है। कई जिलों में प्रशासन ने धारा-144 लगा दिया है। पिछली बार दलित संगठनों के भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश के भिंड सहित कुछ इलाकों में भारी हिंसा हुई थी। भारती ने बताया कि संगठन की मांग को लेकर करीब दो करोड़ पोस्टर कार्ड्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ संसद में बिल पेश किए जाने के सवाल पर अशोक भारती ने कहा कि ‘पहली बात तो ये कि सरकार का अदालत पर कोई नियंत्रण नहीं है इसलिए कुछ भी हो सकता है और दूसरी बात यह है कि दलितों के बीच आत्मविश्वास पैदा करने को लेकर सरकार का कोई भी फैसला स्पष्ट नहीं है। इसी साल 21 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST एक्ट 1989) के तहत दर्ज मामलों में तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।

कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा था कि सरकारी कर्मचारियों की गिरफ्तारी सिर्फ सक्षम अथॉरिटी की इजाजत के बाद ही हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दो अप्रैल को दलित संगठन सड़कों पर उतरे थे। दलित समुदाय ने दो अप्रैल को ‘भारत बंद’ किया था। केंद्र सरकार को विरोध की आंच में झुलसना पड़ा। देशभर में हुए दलित आंदोलन में कई इलाकों में हिंसा हुई थी, जिसमें एक दर्जन लोगों की मौत हो गई थी।

Web Title : Dalit organizations withdrew the declaration of India's closure