दिल्ली की हवा हुई ‘जहर’, 3 नवंबर से दिल्ली-NCR पर ‘काला खतरा’

नई दिल्ली। देश की राजधानी के प्रदूषण से हालत और भी बिगड़ सकते हैं. विशेषज्ञों का अनुमान है कि दो दिन बाद दिल्ली-एनसीआर के आसमान में खतरनाक काले धुंध की परत छाने वाली है. प्रदूषण स्तर मंगलवार को गंभीर श्रेणी में पहुंच गया जिसके बाद परिवहन विभाग ने 10-15 साल पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जबकि निगमों ने भी कई इलाकों में निर्माण पर रोक लगा दी है। दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर अगले 10 दिनों में और भी खराब होने के आसार हैं जिसे देखते हुए 1 नवंबर से 10 नवंबर के बीच राजधानी में आंशिक बंदी देखने को मिल सकती है। प्रदूषण फैलाने पर लगी पाबंदी पर नजर रखने के लिए 52 टीमें भी गठित की गई हैं।दिल्ली में छाई धुंध की चादर: इस मौसम की अब तक की सबसे जहरीली हवा

दिल्ली परिवहन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को नोटिस जारी कर ऐसे वाहन सड़क पर पकड़े जाने पर उन्हें जब्त करने की बात कही। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण ने ऑड-इवन लागू करने पर भी विचार करने को कहा है। प्रतिबंधित वाहनों पर नजर रखने के लिए परिवहन विभाग की इनफोर्समेंट टीम के अलावा ट्रैफिक पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं।PunjabKesari

दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण ने कहा कि हालात अगर ऐसे ही खराब होते गए तो निजी वाहनों को दिल्ली में चलने से रोकना होगा। प्राधिकरण ने कहा कि स्मॉग के कारण दिल्ली की हवा खतरनाक होती जा रही है। राजधानी दिल्ली में वायु की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। वायु में खतरनाक कणों का बढ़ना जारी है जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। इस वक्त स्मॉग के कारण दिल्ली गैस चैम्बर के रूप में तब्दील होती दिखाई दे रही है और लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। अगले दस दिनों में दिल्ली की हालत और भी खराब हो सकती है और ऐसे में प्रतिबंधित वाहनों को सड़कों पर उतरने से रोका जा रहा है ताकि प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आ सके।

सफर की रिपोर्ट में मौसम विभाग के पूर्वानुमान के हवाले से मौजूदा स्थिति की गंभीरता के प्रति आगाह करते हुए कहा गया है कि उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ से जनित नमी और पूर्वी क्षेत्र में चक्रवातीय प्रणाली के सक्रिय होने से हवा की गति थमेगी। रिपोर्ट के अनुसार, हवा का रुख उत्तर-पश्चिम की ओर होने से भी पंजाब और हरियाणा में पराली जलने से उठने वाले धुएं का रुख दिल्ली की तरफ होगा। इससे एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण में बढ़ोत्तरी का संकट गहरा जाएगा। सफर ने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की तस्वीरों के हवाले से पंजाब और हरियाणा में पराली जलने की घटनाओं में बढ़ोत्तरी की तरफ भी ध्यान दिलाया है। इसके मद्देनजर दो या तीन नवंबर से दस नवंबर तक वायु प्रदूषण की स्थिति नाजुक बनी रहेगी। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता का मौजूदा स्तर ‘बहुत खराब’ बना हुआ है।

Web Title : Delhi's 'poison', 'black hazard' on Delhi-NCR from 3 November