अब कुत्ते तस्करों-आतंकियों पर कैमरों से नजर रखेंगे

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जैसलमेर। भारत पाकिस्तान से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी और सीसीटीवी कैमरे के बाद कैमरे लगे खोजी श्वान तैनात करने की तैयारी है। सीमा सुरक्षा बल के प्रशिक्षक हाई-टेक निगरानी के लिए खोजी श्वानो के कॉलर पर कैमरे फिट कर उन्हें प्रक्षिशण दे रहे हैं। इस कदम का उद्देश्य सीमा के साथ कठिन इलाके में गश्त के दौरान दुश्मन के लक्ष्य का सटीक विवरण प्राप्त करना है। कैमरों वाले श्वानों में आतंकवाद विरोधी अभियानों और कठिन इलाकों में गश्त करने में फायदेमंद साबित होगी।
डॉग स्क्वायड को प्रशिक्षण
बीएसएफ के ग्वालियर स्थित राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण संस्थान में वर्तमान में कैमरे से लैस डॉग स्क्वायड को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बीएसएफ जर्मन शेफर्ड, लेब्राडोर रीट्रिवर, डाबरमैन पिंसचर, क्रोकर स्पेनियल और बेल्जिन मेलेनोइस को प्रशिक्षित करती है। पाकिस्तान बॉर्डर पर जर्मन शेफर्ड और लेब्राडोर अधिक संख्या में तैनात हैं। ये विस्फोटक सामग्री के साथ कुशलतापूर्वक ट्रेकिंग भी कर सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान जर्मन शेफर्ड और लेब्राडोर की कॉलर में कैमरे लगाए गए हैं। इनमें लाइव रिकॉर्डिंग होती है, जिसका वायरलैस सम्पर्क बीएसएफ के आइटी सेंटर में है। कैमरे इस तरह लगाए गए हैं ंताकि वह सभी कोण से फुटेज ले सकें। श्वान को सिखाया जा रहा है कि गश्त के समय कैमरे का एंगल बॉर्डर के दोनों तरफ और जमीन-आसमान पर करना है।
2004 से सीमा पर खोजी कुत्ते तैनात
बीएसएफ ने 2004 से बॉर्डर पर खोजी कुत्ते तैनात करने शुरू किए। राजस्थान में श्रीगंगानगर, बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर जिलों की कई सीमा चौकियों पर तैनात खोजी श्वान अधिकतर ट्रेकिंग करते हैं। कैमरे लगे श्वान इन चारों जिलों में तैनात किए जाएंगे। कैमरा उपकरणों के चयन के बाद, बीएसएफ सीमावर्ती क्षेत्रों में ‘गोपनीय परीक्षण’ शुरू करेगी।

Web Title : dogs will watch to terrorist and smugglers indian pak border news