चंडीगढ़। देश के पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के साथ काम कर चुके भारत के पूर्व आर्थिक सलाहकार एएल कत्याल 6 महीने से घर में बंद थे। उन्हें बुधवार को स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी (सालसा) ने बंद घर से बाहर निकाला। अगर सालसा को हेल्पलाइन पर सूचना नहीं मिली होती कि मकान से रात को रोने की आवाज आती है तो हालात और भी बिगड़ सकते थे। कत्याल के घर से हर रात किसी बुजुर्ग की रोने की आवाज आती थी। लोगों ने सालसा को इसकी सूचना दी। बुजुर्ग कात्याल के पड़ोसियों ने सालसा को बताया कि रात को रोने की आवाज सुनकर कई बार दरवाजा खुलवाने की कोशिश की गई, लेकिन अंदर से कोई दरवाजा नहीं खोलता। सालसा से लॉ आॅफिसर राजेश्वर सिंह और सदस्य इशमीत ने सोशल वेलफेयर के अधिकारियों और पुलिस की सहायता से घर में दाखिल किया तो पाया कि एक 85 साल के बुजुर्ग घर में अकेले रह रहे हैं और मकान को अंदर से लॉक करके उसकी चाबियां भूल चुके हैं।
बहू करती थी मारपीट : बताया गया कि छह महीने पहले तक बुजुर्ग कत्याल के साथ उनका एक बेटा, बहू और दो पोतियां रहती थीं। ससुर और बहू में पटती नहीं थी। कई बार बहू ने ससुर को पीटा भी था।

एक बार जब बहू की पिटाई से कत्याल ने खुद को बचाने की कोशिश की तो बहू ने वीडियो बनाकर पुलिस को दिखा दिया। इसके बाद पुलिस ने बीच बचाव करते हुए बहू और बेटे को अलग रहने के निर्देश दिए।
आर्थिक सलाहकार के पद से हुए हैं सेवानिवृत्त
एएल कत्याल के घर पर लगी नेम प्लेट से पता चलता है कि वह भारत सरकार में आर्थिक सलाहकार के पद से रिटायर हुए हैं। कत्याल के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उनके एक साल सीनियर थे। उन्होंने उनके अंडर में और उनके साथ काम किया है। इसके अलावा वह रिटायर कहां से हुए इसके बारे में उन्हें याद नहीं है।
भूलने की है बीमारी
प्राथमिक मेडिकल जांच के अनुसार कात्याल को अल्जाइमर की समस्या है, जिसकी वजह से वह जल्द बातों को भूल जाते हैं। पड़ोसियों के अनुसार बुजुर्ग को 90 हजार रुपये की पेंशन मिलती है। स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी के लॉ आॅफिसर राजेश्वर सिंह ने कहा, पड़ोसियों द्वारा सूचना मिलने के बाद बुजुर्ग से मिलने के लिए उसके घर गए थे। दरवाजा अंदर से लॉक होने के कारण पुलिस को बुलाकर दरवाजा खुलवाया गया और बुजुर्ग को रेसक्यू करने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।