श्रीनगर में CRPF हेडक्वार्टर पर हमले की कोशिश नाकाम, आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी

श्रीनगर: जम्मू और कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में बड़े आतंकी हमले की साजिश को सेना ने नाकाम कर दिया है। सुंजवां आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले कों 50 घंटों से ज्यादा वक्त बीत गया है। हमले के बाद अब फायरिंग बंद हो गई है लेकिन सेना का ऑपरेशन अब भी जारी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक AK-47 के साथ दो आतंकी भागने में कामयाब रहे।

अल सुबह दो आतंकी कैंप में घुसने की कोशिश कर रहे थे तभी संत्री की सजगता के उन्हें भागना पड़ा। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इन आतंकियों को एक खाली इमारत में घेर लिया है। फिलहाल मुठभेड़ जारी है और इसमें अब तक एक सीआरपीएफ जवान के घायल होने की खबर है।

जानकारी के अनुसार कैंप के संत्री ने दो आतंकियों को बैग और एके 47 लिए कैंप की तरफ आते देख फायरिंग की। इसके चलते दोनों ही आतंकी वहां से भाग खड़े हुए। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

आतंकियों ने हमले के लिए श्रीनगर के कर्णनगर इलाके में स्थित सीआरपीएफ की 23वीं वाहिनी के मुख्यालय को चुना था। संबधित अधिकारियों ने बताया कि आज तड़के करीब साढ़े चार बजे स्वचालित हथियारों से लैस दो आतंकी जिनकी पीठ पर पिटठु बैग भी थे, वाहिनी मुख्यालय की तरफ बड़े। संतरी ने दो युवकों को जब अंधेरे में शीविर की तरफ आते देखा तो उसे कुछ संदेह हुआ। उसने अपने अन्य साथियों को सचेत करते हुए चेतावनी देते हुए दोनों आतंकियों को रुकने व अपनी पहचान बताने के लिए कहा।

संतरी द्वारा देख लिए जाने पर दोनों आतंकियों ने वहीं अपनी पोजीशन ले गोली चलाई। लेकिन संतरी ने खुद को बचाते हुए जवाबी फायर किया। अपने मंसूबे को नाकाम होते देख दोनों आतंकी अपनी जान बचाते हुए वहां से भाग निकले। सीआरपीएफ के जवानों ने भाग रहे आतंकियों पर पीछे से भी गोली दागी थी।

बताया जाता है कि आतंकियों ने भागने के लिए किसी मोटरसाईकल का इस्तेमाल किया है। गोलियों की आवाज से पूरे कर्णनगर में सनसनी फैल गई। सीआरपीएफ के जवानों ने उसी समय पुलिस के साथ मिलकर पूरे इलाके की घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान चलाया। लेकिन आतंकियों का सुराग नहीं मिला।

इस घटना के बाद पूरे शहर में एलर्ट घोषित कर दिया गया और शहर में विभिन्न जगहों पर पुलिस व अर्धसैनिकबलों के जवानों ने हिमपात के बावजूद नाके लगा संदिग्ध तत्वों और वाहनों की जांच पढ़ताल भी शुरु कर दी।

यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि श्रीनगर शहर में गत शनिवार की शाम से ही चार हथियारबंद आतंकियों को देखे जाने के बाद से सभी सुरक्षाबलों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया था। इसमें कहा गया था कि यह आतंकी किसी सुरक्षा शीविर,सैन्य काफिले या किसी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान पर आत्मघाती हमला कर सकते हैं।

सुंजवां में जारी है कॉम्बिंग ऑपरेशन

सुंजवां कैंप पर आतंकी हमले के बाद सेना का कॉम्बिंग ऑपरेशन फिलहाल जारी है। वहीं इस बीच मीडिया में यह खबरें आ रही हैं कि जिन आतंकियों ने कैंप पर हमला किया वो रोहिंग्या शरणार्थियों की बस्ती की तरफ से आए थे। इसके बाद एक बार फिर रोहिंग्या मुस्लिमों को लेकर बहस तेज हो गई है। बता दें कि हमले के दिन ही जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर ने हमले में रोहिंग्या मुस्लिमों की लिंक होने का दावा किया था।

Web Title : Fail to attack CRPF headquarters in Srinagar