राजस्थान में किसानों का चक्काजाम, सीकर में NH-52 किया जाम

सीकर: सरकार द्वारा मांगें नहीं माने जाने के विरोध में अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले राजस्थान के सीकर जिले में आज किसानो का चक्काजाम किया जा रहा है. जिले के जिला मुख्यालय सहित रींगस नेशनल हाइवे- 52 पर किसान सुबह सुबह आठ बजे से सड़क पर चारपाई लगाकर हाइवे जाम कर दिया है. हाइवे के दोनो तरफ वाहनो की लम्बी कतारे लग गई है.

जिले भर में आज किसानो की 50 जगहो पर सभाए होगी. किसानों के समर्थन में जिलेभर में विभिन्न संगठनों की ओर से सभाएं की जाएगी. जिसके चलते दूध, सब्जी या  कृषि जिन्स नहीं मिल रहे है. किसानों की मांगों को जायज ठहराते हुए माकपा, बकरा मंडी यूनियन, हाथ ठेला यूनियन, निजी बस यूनियन, दुग्ध डेयरियां, शिक्षण संस्थान व कोचिंग संस्थान, डीवाईएफआई, खाद्य पदार्थ व्यापार संघ  सहित अन्य कई संगठनों ने भी समर्थन दिया है. इधर दूसरी तरफ प्रदेश के कई जगहों पर आज किसान प्रदर्शन कर रहे है. झुंझुनू जिले के नवलगढ़ कस्बा अज किसानो के आह्वान पर बंद है.

किसान पदाधिकारियों का कहना है कि किसानों के सभी कर्जों की माफी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें व आवारा पशुओं की समस्या का निराकरण नहीं करने, फसलो का उचित दाम नही मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा. केंद्र राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण ही किसानों को फसल का लागत मूल्य नहीं मिल रहा है. इसमें कारण ही पिछले 20 सालों में चार लाख से ज्यादा किसानों ने कर्ज के जाल में फंसकर आत्महत्या की है.

हालांकि किसान सभा के प्रदर्शन के बाद महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक उत्तर प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ किया जा चुका है. लेकिन राजस्थान के किसानों का कर्ज माफ नहीं किया गया और ही स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू की गई.

Web Title : Farmers' movements in Rajasthan, NH-52 junk in Sikar