‘पद्मावत’ को लेकर करणी सेना की ख़ूनी धमकी, बोले- ऐसा विरोध करेंगे कि देश याद करेगा

राजस्थान की सियासत के किेले में फंसी संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’

नई दिल्ली: दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर स्टारर मोस्ट अवेटेड फिल्म पद्मावती का नाम पद्मावत तो हो चुका है लेकिन विवाद बढ़ता ही जा रहा है। करनी सेना ने एलान कर दिया है कि वो फिल्म पद्मावति को किसी कीमत पर 25 जनवरी को रिलीज नहीं होने देगी।  इधर राजस्थान में 29 जनवरी को तीन सीटों पर होने वाले उप चुनाव में राजपूत की नाराजगी से नुकसान होने की आशंका को देखते हुए राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ” पद्मावत ” पर रोक लगाने की बात कही है ।

वसुंधरा राजे ने मंगलवार को एक बार फिर दोहराया कि फिल्म का कभी भी प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा । इससे पहले सोमवार को उदयपुर में वसुंधरा राजे ने कहा था कि रानी पद्मनी का बलिदान प्रदेश के मान-सम्मान और गौरव से जुड़ा हुआ है,उनकी मर्यादा को किसी भी सूरत में ठेस नहीं पहुंचने दी जाएगी । इधर फिल्म का निर्माण के समय से ही विरोध कर रही राजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि ” पद्मावत ” रिलीज हुई तो ऐसा विरोध होगा कि जिसे पूरा देश याद करेगा ।

वहीं सुखदेव सिंह ने कहा कि करणी सेना के लोग थिएटर में लाठी और पेट्रोल लेकर मौजूद रहेंगे। उधर राजस्थान सरकार भी सरेंडर कर चुकी है, गृह मंत्री का कहना है कि राजस्थान में फिल्म  बैन है। करणी सेना जिद पर अड़ी है कि अगर फिल्म पर्दे पर आ गई तो सारी संवैधानिक संस्थाओं को रौंद कर रख देंगे। पहले गंगाजल छिड़केंगे और बाद में फूल बरसाएंगे।

सरकार जिस तरह से देशभर में फिल्म का प्रदर्शन कराने की हठधर्मिता पर अड़ी हुई है,उसी तरह राजपूत समाज भी इस बात पर अड़िग है कि फिल्म का देश के किसी भी हिस्से में प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा । करणी सेना के संरक्षक लोकेन्द्र सिंह कालवी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि जिस दिन फिल्म रिलीज होगी उस दिन जनता कफ्र्यू लगाया जाएगा । उन्होंने राजपूत समाज से अपील की कि जिस दिन फिल्म रिलीज हो उस दिन सभी समाजों के साथ मिलकर जनता कफ्र्यू लगाया जाए ।

इधर राजस्थान में राजपूत समाज की प्रमुख संस्था श्री राजपूत सभा ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है । राजपूत सभा के अध्यक्ष गिरराज सिंह लोटवाड़ा ने कहा कि आनंदपाल सिंह एनकाउंटर मामले की सीबीआई जांच कराने के मामले में प्रदेश सरकार ने वादा खिलाफी की है । सरकार ने पहले राजपूत समाज से वादा किया था कि जांच केवल एनकाउंटर की होगी,लेकिन अब आंदोलन के दौरान दर्ज हुए मामलों की जांच भी सीबीआई को सौंप दी गई । इसी तरह फिल्म “पद्मावत “को लेकर भी सरकार ने वादा खिलाफी की है । उन्होंने कहा कि इस वादा खिलाफी का  परिणाम भाजपा को उप चुनाव में देखने को मिल जाएगा । इधर राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने कहा कि सरकार ने पूरे देश में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाई तो भाजपा को नुकसान होगा ।

अब आगामी 25 जनवरी को फिल्म पर्दे पर आने वाली है लेकिन जैसे 700 साल पहले चित्तौड़गढ़ की रानी पद्मावती किले में फंस गई थी वैसे ही राजस्थान की सियासत के किेले में फंस गई है संजय लीला भंसाली की पद्मावत।

Web Title : Fearful on the Film padmavat