फीफा विश्व कप 2018: दक्षिण कोरिया को हराकर अंतिम 16 में जगह बनाने उतरेगा मैक्सिको

रोस्तोव ऑन डॉन: फीफा विश्व कप के 21वें संस्करण में अपने पहले ही मैच में मौजूदा विजेता जर्मनी को हराकर धमाका करने वाली मैक्सिको की नजरें अब शनिवार को दक्षिण कोरिया के खिलाफ होने वाले मुकाबले में जीत दर्ज कर अंतिम-16 में पहुंचने पर लगी हुई हैं। मैक्सिको ग्रुप-एफ में एक मैच में तीन अंक लेकर स्वीडन के बाद दूसरे नंबर पर मौजूद है। अब उसके पास अगले दौर में पहुंचने का मौका है। वहीं दक्षिण कोरिया को अपने पहले मैच में स्वीडन से 0-1 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी जिसकी बदौलत टीम ग्रुप में सबसे नीचे चौथे पायदान पर है। maxico

मैक्सिको ने टूर्नामेंट में अब तक उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन किया है और जर्मनी को मात देकर उसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। जर्मनी और मैक्सिको के मुकाबले में किसी को उम्मीद नहीं थी कि मैक्सिको कुछ इस तरह प्रदर्शन करेगी। लेकिन उसके 22 वर्षीय खिलाड़ी हिर्विग लोजानो की ओर से 35वें मिनट में किए गए एकमात्र गोल के दम पर मैक्सिको ने प्रतियोगिता में जीत के साथ खाता खोला। वर्ष 1985 के बाद से मैक्सिको की जर्मनी के खिलाफ यह पहली जीत थी।

मैक्सिको अर्जेटीना में वर्ष 1978 में हुए विश्व कप के बाद से अब तक अपना दूसरा मैच नहीं हारा है। ऐसे में टीम चाहेगी कि वह कोरिया के खिलाफ भी अपने इस रिकॉर्ड को कायम रखे। विश्व कप में मैक्सिको और कोरिया दूसरी बार आमने-सामने होंगी। दोनों टीमें 20 साल पहले फ्रांस में वर्ष 1998 में पहली बार भिड़े थे। उस मैच में मैक्सिको ने कोरिया को 3-1 से करारी शिकस्त दी थी। मैक्सिको की कोशिश होगी कि वह मनोवैज्ञानिक बढ़त के साथ कोरिया के खिलाफ मुकाबले में उतरे।

इस मैच में सबकी निगाहें जेवियर हर्नांडेज पर होगी जो अपने 50 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे करने से एक मैच दूर हैं और कोरिया के खिलाफ वह यह उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। 30 साल के हर्नांडेज ने अपने देश के लिए अब तक सबसे ज्यादा गोल दागे हैं और मैक्सिको को कोरिया के खिलाफ भी उनसे गोल की उम्मीद होगी। कोरिया के खिलाफ होने वाले मुकाबले में मैक्सिको को इसलिए भी जीत का दावेदार माना जा रहा है क्योंकि मैक्सिको की टीम विश्व कप के इतिहास में कभी भी एशियाई टीमों से नहीं हारी है। हालांकि रिकॉर्ड बनते ही हैं टूटने के लिए और दक्षिण कोरिया चाहेगी कि वह इस बात को सार्थक करे।

दूसरी तरफ विश्व कप में दक्षिण कोरिया का रिकॉर्ड सही नहीं रहा है। मैक्सिको में वर्ष 1986 में विश्व कप में लौटने के बाद से दक्षिण कोरिया की टीम कभी टूर्नामेंट में अपना दूसरा मैच नहीं जीत पाई है। स्वीडन से मिली हार के बाद टीम का मनोबल गिरा हुआ है। टीम को अपने स्टार मिडफील्डर कि सुंगयुएंग से काफी उम्मीदें होंगी जो अपना 104वां मैच खेलने उतरेंगे।

एशियाई देशों में विश्व कप के सेमीफाइनल तक का सफर तय करने वाली एकमात्र टीम दक्षिण कोरिया को स्वीडन के खिलाफ छठवें मिनट में फ्री किक से गोल करने का मौका मिला था। सोन के शॉट को किम शिन वुक ने हेडर से गोल पोस्ट तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन वह नेट से बहुत दूर चली गई और दक्षिण कोरिया की टीम खाता खोलने का मौका चूक गई थी। हालांकि टीम चाहेगी कि एशिया की अन्य टीमों की जीत से उनकी टीम प्रेरणा ले और मैक्सिको के खिलाफ कुछ नया करे। कोरिया के डिफेंसिव मिडफील्डर जुंग वू यंग भी इस बात को दोहरा चुके हैं।

Web Title : FIFA World Cup 2018: Mexico to beat South Korea to make it to final 16