बाड़मेर के किसानों के लिए अच्छी खबर, किसानों के आंदोलन पर सहमति बनने पर नर्मदा का पानी अब पहुँचेगा खेतो में

-पूर्व सांसद हरीश चौधरी की मेहनत रंग लाई

बाड़मेर: बीते 3 दिनों से बाड़मेर के धोरीमन्ना में किसानों के चल रहे आंदोलन पर अब प्रशासन और सरकार ने कदम बढ़ाते हुए किसानों को राहत देने का काम किया है। बुधवार की रोज धोरीमन्ना में किसानों व अधिकारियों के बीच वार्ता पर सहमति बनी। यह सहमति लिखित आश्वासन पर बनी।किसानों ने नर्मदा नहर में गुजरात से होते हुए बाड़मेर के लिए 200 क्यूसेक पानी छोड़ने पर सहमती बनती नजर आई।

किसानों की पिछले 13 महीनों से बन्द पड़ी नर्मदा नहर में पानी छोड़ने की मांग पर सहमती बनती नजर आई। धोरीमन्ना में पिछले तीन दिनों से चल रहा किसानों का अनशन अब सहमति की राह पर नजर आने लगा है। नहरी पानी छोड़ने के अलावा अन्य 15 मांगों पर प्रशासन की तरफ से विचार-विमर्श पर भी आने वाले दिनों में सहमति होती नजर आएगी।

जानकारी के मुताबिक नर्मदा नहर में पिछले तेरह माह से पानी नहीं आने को लेकर 2 जुलाई को नहरी क्षेत्र के किसानों ने पानी नहर में छोड़ने हेतू ज्ञापन देकर तीन दिन का समय दिया, लेकिन मांग नहीं मानने पर आखिर 6 अगस्त से रामजी का गोल पम्प स्टेशन पर सभी किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन व कार्मिक अनशन शुरू किया। लेकिन दो दिन तक नहर विभाग ने किसानों की सुध नहीं ली।

बुधवार को पूर्व राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधि मण्डल उग्र आंदोलन एवं हाईवे जाम करने की चेतावनी दी। इस पर नर्मदा नहर के अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी पुलिस जाब्ते के साथ धरना स्थल पर पहुंचे एवं किसानों से लिखित में पानी की आपूर्ति की सहमति देकर धरने को समाप्त करवाया।

Web Title : Good news for farmers of Barmer