गुर्जर आंदोलन: धौलपुर के पास बाड़ी-बसेड़ी बयाना स्टेट हाइवे जाम, अगले 3 दिन के लिए 37 ट्रेनें रद्द

आंदोलन के चौथे दिन भी मलारना डूंगर के पास रेलवे ट्रैक पर गुर्जर समाज के लोग बैठे हुए हैं। बातचीत में हल नहीं निकलने के कारण आज से हाइवे जाम किए जा रहे हैं। धौलपुर के पास भूतेश्वर पुल पर गुर्जर समाज के लोगों ने बाड़ी-बसेड़ी मांग जाम कर दिया है। यहां हाइवे पर बैठकर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। गौरतलब है कि शनिवार को अल्टीमेटम दिया गया था कि मांगे पूरी नहीं हुई तो राजधानी को जोड़ने वाले सभी हाइवे पर जाम लगाया जाएगा।

धौलपुर: राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे गुर्जर आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. गुर्जर रेल पटरियों पर कब्जा जमाए बैठे हैं। सवाई माधोपुर के मलारना रेलवे स्टेशन के पास मकसूदनपुरा गांव से शुरू हुआ गुर्जर आंदोलन राजस्थान के अन्य जिलों में भी फैल चुका है। इसका अधिक असर सवाई माधोपुर, धौलपुर, करौली-हिंडौन आदि जिलों में पड़ रहा है। यहां गुर्जर आंदालन के दौरान हिंसक घटनाएं हुई हैं। रेल व सड़क यातायात जाम किया हुआ है। धौलपुर में नेशनल हाईवे संख्या तीन पर मचे बवाल के बाद अब आंदोलनकारियों ने बाड़ी-बसेड़ी मार्ग पर जाम लगा दिया है. मौके पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हो गई. वहीं पुलिस बल मौके के लिए रवाना हो गया है.Gujjar andolan fourth day in rajasthan

दरअसल आरक्षण की मांग को लेकर लगातार आंदोलन हो रहा है. वहीं सोमवार को नेशनल हाईवे तीन को जाम किया गया था. सूचना पाकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र वर्मा मौके पर पहुंच थे.पुलिस ने गुर्जर समाज के लोगों से समझाइस कर जाम खुलवाने की कोशिश की. हालांकि इस दौरान पुलिस उग्र हो गई. वहीं हाइवे जाम कर बैठे लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया. जिससे आंदोलनकारी उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव कर दिया.राजस्‍थान गुर्जर आंदोलन: अगले 3 दिन के लिए 37 ट्रेनें रद्द, आपका है जयपुर जाने का प्‍लान तो करें चेक

वहीं आंदोलनकारी और पुलिस दोनों आमने सामने हो गए ,आंदोलनकारियों ने देशी हथियारों से पुलिस पर हमले कर दिए. जिससे पुलिस को बेकफुट पर आना पड़ा. इसी दौरान पुलिस अधीक्षक अजय सिंह आरएसी जवानों और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए. वहीं आंदोलनकारियों का आक्रोश कम नहीं हुआ. हाइवे पर दोनों तरफ वाहनों की लम्बी कतारें लग गई.

वहीं सड़क पर फंसे लोग गाड़ियों को छोड़कर जान बचाकर भागने लगे. उग्र भीड़ ने एडिशन एसपी की गाडी सहित पुलिस की दो गाड़ियों में आग लगा दी. जिससे शहर में सनसनी फ़ैल गई. करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने उग्र भीड़ पर काबू पाकर जाम को खुलवाया. अगले 3 दिन के लिए 37ट्रेन रद्द करने की घोषणा हो चुकी है. सि‍र्फ रवि‍वार 10 फरवरी को 18 ट्रेनें रद्द हुई हैं. 13 के रास्‍ते बदले गए. 11 फरवरी को 10 ट्रेनें रद्द रहेंगी. वहीं 12 फरवरी को 12 ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा उत्‍तर रेलवे ने की है. 13 फरवरी को सबसे ज्‍यादा 15 ट्रेनें रद्द रहेंगी. जाहिर है ऐसे में जयपुर की ओर जाने वाले या वहां से आने वालों को भारी दिक्‍कतों का सामना करना पड़ा रहा है.

घटना के बाद कलक्टर नेहा गिरी सहित प्रशासन के अधिकारी मोके पर पहुंच गए. पुलिस और प्रशासन ने आंदोलनकारियों पर काबू पा लिया है. लेकिन हालत अभी भी तनावपूर्ण बने हुए है. पुलिस आंदोलनकारियों के चिन्हित ठिकानों पर भारी तादात में पुलिस बल तैनात किया है. समाज के लोगों से वार्ता की, लेकिन आंदोलनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया. वहीं पुलिस ने बचाव के लिए हवाई फायरिंग की और दोनों तरफ से भगदड़ मच गई .इसके बाद आक्रोशित आंदोलनकारियों ने पुलिस की 3 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. वहीं आंदोलनकारी नेशनल हाईवे संख्या 3 बैठे हुए और मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात है.

आगरा दिल्ली मुंबई मार्ग जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई है. पथराव में करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. एसपी अजय सिंह ने बताया कि आंदोलनकारियों ने जाम लगा दिया. जाम में प्राइवेट लोग महिलाएं और बच्चे फंस गए थे. उन लोगों की गाड़ियों पर पथराव कर तोडना शुरू कर दिया था.पुलिस ने समझाइस की. लेकिन प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. आंदोलनकारियों के हमले से आधा दर्जन पुलिस के जवान भी घायल हुए हैं. वहीं उग्र भीड़ ने देशी हथियारों से पुलिस पर फायरिंग कर तीन पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी. पुलिस ने भीड़ को खदेड़ कर जाम को खुलवाया. वहीं आंदोलनकारियों में कुछ लोगों की वीडियो बनाकर पहचान कर ली गई है. जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा.

इस बीच रविवार शाम को हिंडौन जिला कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया के आदेश पर गुर्जर आरक्षण आंदोलन के नेता कर्नल ​किरोड़ी ​बैंसला के घर हाईकोर्ट के आदेशों का नोटिस चस्पा किया गया है, जिसमें लिखा है कि रेलवे ट्रैक, सड़क मार्ग रोकने का कृत्य कर नागरिकों के मौलिक, संवैधानिक व विधिक अधिकारों का हनन नहीं करें। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि नोटिस में लिखा है कि आंदोलन के दौरान उपरोक्त निर्देशों की पालना नहीं किए जाने पर न्यायालय के आदेशों की अवमानना के लिए आयोजक उत्तरदायी होंगे।

सरकार ने पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह, स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा और सामाजिक न्याय विभाग मंत्री भंवरलाल मेघवाल की कमेटी बनाई है। गुर्जर आंदोलन से ज्यादा प्रभावित भरतपुर और अजमेर संभाग ही हैं, इसलिए दोनों संभागों के प्रतिनिधित्व के रूप में विश्वेंद्र और रघु को गुर्जरों को मनाने का जिम्मा दिया गया है। भरतपुर में मौजूद विश्वेंद्र सिंह ने शनिवार सुबह सरकार के आला अफसरों को मीटिंग के लिए बुलाया है। इसमें तय होगा कि आंदोलन से किस तरह से निपटा जाए। गुर्जर चाहेंगे तो मैं ट्रैक पर जाने को तैयार हूं। मेघवाल व रघु शर्मा अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में व्यस्तता के कारण देर रात तक भरतपुर नहीं पहुंचे थे।

गुर्जर समाज की मांग है कि सरकार सभी प्रक्रिया पूरी करके पांच प्रतिशत आरक्षण बैकलाग के साथ दे। इससे पहले 24 सितंबर 2015 को विधानसभा में एसबीसी विधेयक पारित हुआ था। राज्य सरकार ने 16 अक्टूबर 2015 को नोटिफिकेशन जारी करते हुए इसे लागू किया। ये 14 महीने चला और 9 दिसंबर 2016 को हाईकोर्ट ने खत्म किया। अब सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है।

Web Title : Gujjar agitation: Badari-Basseer Biyana State Highway Jam near Dhaulpur