हार्दिक पंड्या के खेल ने जीता स्टीव वॉ का दिल, बोले याद आ गए 1999 के लांस क्लूजनर

लंदन। वर्ल्ड कप में आस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले में तेजतर्रार पारी खेलने वाले हार्दिक पंड्या की चौतरफा तारीफ हो रही है। आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और दिग्गज क्रिकेटर स्टीव वॉ ने उनकी तुलना साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर लांस क्लूजनर से की है। स्टीव वॉ ने हार्दिक की बैटिंग की तुलना लांस क्लूजनर के 1999 विश्व कप के प्रदर्शन से करते हुए कहा कि इस भारतीय आॅलराउंडर के पास बड़े शॉट खेलने की ऐसी काबिलियत है, जिसका विरोधी कप्तानों के पास कोई जवाब नहीं है। क्लूजनर को लंबे छक्कों और तेजतर्रार बैटिंग के लिए जाना जाता था। वह ऐसे दौर में छक्के जड़ने के माहिर थे, जब टी-20 युग की शुरूआत नहीं हुई थी।
ओवल में बनाए 27 गेंदों में 48 रन
पंड्या ने रविवार को आस्ट्रेलिया के खिलाफ द ओवल के मैदान 27 गेंदों में 48 रन की पारी खेली थी। उनकी इस पारी की मदद से भारत ने 5 विकेट पर 352 रनों का बड़ा स्कोर बनाया। भारत ने इसके बाद आॅस्ट्रेलिया को 316 रनों पर आउट कर 36 रन से जीत दर्ज की। वॉ ने आईसीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने कॉलम में लिखा, ह्यहार्दिक पंड्या की पारी विरोधी टीमों को चौंका देगी। यह खिलाड़ी 1999 विश्व कप में खेलने वाले लांस क्लूजनर के बराबर हो सकता है। ज्यादातर खिलाड़ी अपनी पारी के आखिर में जैसी बल्लेबाजी करते है, वह उस तरीके से अपनी पारी शुरू करने की क्षमता रखता है। उसके बड़े शॉट्स का बचाव करना विरोधी कप्तानों के लिए मुश्किल होगा।
चार चौकों और तीन छक्कों की धमाकेदार पारी
पंड्या ने चार चौकों और तीन छक्कों की मदद से धमाकेदार पारी खेली, जिसने वॉ को 1999 के विश्व कप में बांए हाथ के क्लूजनर के आतिशी खेल की याद दिला दी। इंग्लैंड में 20 साल पहले हुए विश्व कप में क्लूजनर मैन आॅफ द सीरीज बने थे। उन्होंने 122.17 के स्ट्राइक रेट से 281 रन बनाए थे, जो टी-20 दौर के पहले अभूतपूर्व था। यही नहीं हार्दिक की इस पारी को लेकर कैप्टन विराट ने भी कहा था कि वह मैच में सहायक की भूमिका में आ गए थे। कोहली से जब पूछा गया कि क्या वह आक्रामक बल्लेबाजी के बारे में सोच रहे थे तो उन्होंने कहा, जब मैंने अर्धशतक पूरा किया तब मेरे दिमाग में यह ख्याल आया था।
मैंने पंड्या से बात कि और उसने कहा, मुझे जोखिम उठाने की जरूरत नहीं।
पंड्या ने कोहली से कहा था, मैं बनाऊंगा तेज रन
पंड्या ने भारतीय कप्तान को सुझाव दिया कि वह सहायक की भूमिका निभाएं क्योंकि उनकी (कोहली की) मौजूदगी से उन्हें आक्रामक खेल की ज्यादा आजादी मिलती है। कोहली ने कहा, हार्दिक ने कहा कि अगर वह (कोहली) एक छोर पर हैं तो उसे अपना खेल खेलने की आजादी मिलेगी। इसलिए मुझे एक छोर संभालने की जिम्मेदारी लेनी थी, लेकिन मैं भी लय को बरकरार रखना चाहता था।

Web Title : hardik pandya win heart of Steve wagh