आसाराम की सजा स्थगन याचिका पर सुनवाई, हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

जोधपुर। अपने ही गुरुकुल की नाबालिग छात्रा के साथ यौन उत्पीडऩ के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम की सजा के खिलाफ स्थगन याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आसाराम की अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने इस मामले में सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अपील स्वीकार करने के बाद सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस मामले में रिकॉर्ड तलब किया।

आसाराम को एससी-एसटी कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को जस्टिस निर्मलजीत कौर व जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ में सुनवाई हुई। याचिका फे्रस एडमिट के लिए विचाराधीन थी।

इस दौरान आसाराम की याचिका खंडपीठ ने सुनने के लिए स्वीकार कर ली है। इसके बाद खंडपीठ ने केस डायरी तलब की। तब आसाराम के अधिवक्ता महेश बोड़ा ने दलील दी कि रिकॉर्ड पहले से ही शरतचंद्र की याचिका के लिए हाईकोर्ट की एकलपीठ में है। इस पर कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया।

बता दे कि आसाराम को एससी-एसटी कोर्ट के तत्कालीन पीठासीन अधिकारी मधुसूदन शर्मा ने गत 25 अपे्रल को यौन उत्पीडऩ के आरोप में दोषी मानते हुए जीवन की आखिरी सांस तक जेल में रखने की सजा सुनाई थी। तब से आसाराम जोधपुर सेंट्रल जेल में कैदी नंबर 130 के रूप में सजा काट रहे है।

आसाराम लगभग पांच साल एक माह से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद है। जोधपुर पुलिस आसाराम को इंदौर आश्रम से 31 अगस्त 2013 को गिरफ्तार कर 1 सितम्बर 2013 को जोधपुर लाई थी। जेल में छटपटा रहे आसाराम के लिए उसके भांजे ने भी हाल में उसके पैरोल के लिए भी आवेदन किया है।

Web Title : Hearing on Asaram's plea for adjournment petition