हिंदी दिवस 2018: ये हैं बॉलीवुड के वो स्टार जिन्हें है हिंदी भाषा से प्यार, जब अमिताभ ने हिंदी में कमेंट्री कर जीता था सबका दिल

नई दिल्ली: हिंदी यानि हमारे देश की राष्ट्रभाषा, लेकिन अफसोस कि इस देश में रहने वाले कई हिंदोस्तानियों को यह भाषा बोलनी और लिखनी नहीं आती. बॉलीवुड जो कि हिंदी सिनमा की ही इंडस्ट्री है लेकिन यहां भी ज्यादातर कलाकारों के हाल ऐसे हैं कि उन्हें हिंदी पढ़ना और लिखना तो दूर बोलना भी नहीं आती. लेकिन सभी कलाकार ऐसे नहीं हैं. कुछ खास कलाकार ऐसे भी हैं जिन्हें उनकी जोरदार हिंदी के लिए ही खासतौर पर याद किया जाता है. कुछ की हिंदी में किताबें आ चुकी हैं तो कुछ हिंदी के साहित्यिक कार्यक्रमों में कविता और कहानी पाठ करते हैं. तो आइए इस हिंदी दिवस पर जानते हैं बॉलीवुड के कुछ ऐसे ही हिंदी के धुरंधरों के बारे में.हिंदी दिवस 2018: वर्ल्ड कप में जब पहली बार भारत-पाक मैच में अमिताभ ने हिंदी में कमेंट्री कर जीता था सबका दिल

वर्ल्ड कप में जब पहली बार भारत-पाक मैच में अमिताभ ने हिंदी में कमेंट्री कर जीता था सबका दिल
अगर बॉलीवुड में हिंदी की बात हो तो सबसे पहले बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन का नाम ही याद आता है. दमदार आवाज के मालिक सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने जब वर्ल्ड कप 2015 में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए एक रोमांचक मैच में हिंदी में कमेंट्री कर सभी क्रिकेटप्रेमियों का दिल जीत लिया था. इस मैच में अमिताभ ने राहुल द्रविड़, शोएब अख्तर, अरूण लाल और कपिल देव के साथ कमेंट्री की। सबसे पहले उनके साथ कमेंट्री बॉक्स में आकाश चोपड़ा और पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब थे. अमिताभ अपने शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ को होस्ट कर रहे हों, या कोई इंटरव्यू दे रहे हों आप उनकी विशुद्ध हिंदी को सुन सकते हैं. इतना ही नहीं कविता पाठ के शौकीन बच्चन मौका मिलते ही हिंदी साहित्य के महान कवियों की कविताएं सुनाने से भी गुरेज नहीं करते. उनकी भारी और सधी हुई आवाज में उनके पिता हरिवंश राय बच्चन की कविता ‘मधुशाला’ काफी पसंद की जाती है.हिंदी दिवस 2018: कौन हैं बॉलीवुड के ऐसे कलाकार जिनकी हिंदी है जबरदस्त

आशुतोष राणा फिल्मों में विलेन पर हिंदी के हीरो
बॉलीवुड के शानदार अभिनेताओं में गिने जाने वाले सुपर विलेन आशुतोष राणा हिंदी की दुनिया के हीरो हैं. हिंदी साहित्य के बड़े-बड़े कार्यक्रमों में आशुतोष को बतौर वक्ता आमंत्रित किया जाता है. अमिताभ बच्चन की तरह ही आशुतोष राणा को भी कई कवियों की कविताएं जुबानी याद हैं, जो किसी भी विशेष मौके पर उनकी शानदार आवाज में सुनी जा सकती हैं. आशुतोष राणा सोशल मीडिया पर भी अपनी हिंदी की वजह से काफी लोकप्रिय हैं. राजनीति हो या कोई त्योहार मौका मिलते ही वह लंबे-लंबे व्यंग्य और लेख लिखने से परहेज नहीं करते.ऋषि कपूर के साथ जल्द इस फिल्म में काम करेंगे आशुतोष राणा

आ चुकी है किताब
हाल ही में आशुतोष राणा की एक हिंदी किताब भी प्राकशित हुई है. जिसका नाम है ‘मौन मुस्कान की मार’. इस किताब में आशुतोष के व्यंग्य का संकलन है. इसके साथ ही अभी सोशल मीडिया पर उनकी सीरिज रामराज्य का पाठकों को बेसब्री से इंतजार रहता है. इनकी यह किताब प्रभात प्रकाशन से प्रकाशित हुई है और ऑनलाइन भी खरीदी जा सकती है.

पियूष मिश्रा की कविताएं युवाओं की पहली पसंद
अगर हम हिंदी दिवस पर हिंदी को चाहने वाले अभिनेताओं की बात करें तो कई विधाओं में माहिर पीयूष मिश्रा को कैसे भूल सकते हैं. पियूष मशहूर एक्टर के साथ-साथ युवाओं द्वारा पसंद किए जाने वाले कवि, गीतकार और कहानीकार भी हैं. उन्हें देश भर में होने वाले साहित्यिक कार्यक्रमों में अपने लिखे गीत गाते सुना जा सकता है. कई बॉलीवुड फिल्मों में भी उनके लिखे गाने हैं, जो काफी फेमस भी हुए. पियूष की कविता ‘हुस्ना’ बंटवारे के दर्द को बयान करती है तो वहीं उनका लिखा ‘गुलाल’ का गाना ‘आरंभ है प्रचंड़…’ वीर रस का बेहतरीन गाना है. पीयूष मिश्रा ने कहा- स्टार वह होता है जिस पर निर्माता पैसे लगाते हैंअनुपम खेर को मिलता है हिंदी में अपनापन 
अपनी बेबाक अदाकारी के लिए मशहूर कलाकार अनुपम खेर को कौन नहीं जानता, उनके बारे में यह बात भी सभी जानते हैं कि उन्हें कई भाषाओं का ज्ञान है. लेकिन यह बात भी किसी से छिपी नहीं है कि उन्हें जब भी मौका मिलता है तो वह हिंदी में ही बात करते हैं, कई इंटरव्यू में अनुपम खेर ने बताया है कि हिंदी में बात करते समय उन्हें अपनापन महसूस होता है। यह बात उनके सोशल मीडिया पर भी आराम से देखी जा सकती है क्योंकि कई बार अनुपम के ट्वीट हिंदी में आते हैं. Ã Â¤Â…नुपम खेर FTII के नए चेयरमैन बने, गजेंद्र चौहान की जगह लेंगे

मनोज बाजपेयी को अपनी लगती है हिंदी
एक्टिंग के मामले में धुरंधर माने जाने वाले कलाकार मनोज बाजपेयी भी उन अभिनेताओं में शामिल हैं जिनकी पहली पसंदीदा भाषा हिंदी है. मनोज हमेशा हिंदी में बात करना पसंद करते हैं. वह अपने इंटरव्यू में भी इस बात को जाहिर कर चुके हैं कि उन्हें हिंदी बोलना आराम दायक लगता है. क्योंकि उन्होंने बचपन से हिंदी में को जाना है इसलिए वह इसी भाषा में सहज होते हैं. सुनने में आया था कि मनोज को रोमन में लिखी स्क्रिप्ट भी बहुत पसंद नहीं आती. 'गली गुलियां' के लिए मनोज बाजपेयी ने खतरे में डाली जान, कई किलो घटाया वजन

नवाजुद्दीन सिद्धीकी के दिल के करीब है हिंदी
आज के समय में अगर बॉलीवुड के बेहतरीन कलाकारों का नाम लिया जाए तो नवाजुद्दीन सिद्धीकी का काम लिस्ट में काफी ऊपर होता है. इसके साथ ही नवाजुद्दीन भी उन चंद कलाकारों में शामिल हैं जो अपनी राष्ट्रभाषा हिंदी से प्रेम करते हैं. नवाजुद्दीन हिंदी को अपने दिल के करीब मानते हैं. हालांकि फिलहाल नवाजुद्दीन की भाषा कुछ ज्यादा ही साहित्यिक हो चुकी है. क्योंकि 21 सितंबर को रिलीज होने जा रही फिल्म ‘मंटो’ में उन्होंने लेखक सआदत हसन मंटो का किरदार निभाया है. गौरतलब है कि इस किरदार को निभाने के लिए नवाजुद्दीन ने उस दौर में लिखी गईं गई कहानियां और नॉवल भी पढ़े हैं.नवाजुद्दीन स्टारर फिल्म 'मंटो' का ट्रेलर 15 अगस्त को रिलीज होगा

Web Title : Hindi Day 2018: These are Bollywood stars who love Hindi language