रिफाइनरी के शिलान्यास को लेकर गरमाई राजनीति, पहली बीएस-6 रिफाइनरी का पीएम मोदी करेंगे शिलान्यास

जयपुर/जोधपुर: बाड़मेर रिफाइनरी परियोजना के शिलान्यास को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. अब चुनावों को देखकर बाड़मेर के पचपदरा रिफाइनरी शिलान्यास को लेकर एक बार फिर गतिविधियां जबरदस्त बढ़ गयी है. अब बीजेपी 16 जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों पचपदरा में रिफाइनरी का शिलान्यास और आमसभा का राजनीतिक लाभ लेने में जुटी हुई है. रिफाइनरी की रैली में ज्यादा से ज्यादा संख्या में भीड़ जुटाने को लेकर जहाँ जिले के स्थानीय भाजपा विधायक व प्रभारी मंत्री इन दिनों बाड़मेर में डेरा डाले हुए है. जिले के गाँवों में जाकर लोगो को पीले चावल देकर सभा में आने का न्योता देते देखे जा रहे है. इधर कांग्रेस का आरोप है कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी एक बार शिलान्यास कर चुकी तो फिर से शिलान्यास कराने का क्या मकसद है. सितंबर, 2013 में यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी राजस्थान के पचपदरा में रिफाइनरी का शिलान्यास करती हुई. (फाइल फोटो: पीटीआई)तीन दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा और बुधवार को अजमेर में मीडिया से बातचीत में पीएम द्वारा होने वाले शिलान्यास कार्यक्रम पर आपत्ति जताई. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने भी रिफाइनरी के शिलान्यास को ठीक नहीं बताया. वहीं भाजपा ने राज्य के सभी 33 जिलों में रथ रवाना कर रिफाइनरी का प्रचार-प्रसार शुरू किया है. ये रथ करीब 10 माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव तक सभी जिलों में घूमेंगे. पहले तो ये रथ 29 जनवरी को होने वाले तीन उप चुनाव वाले क्षेत्रों अलवर, अजमेर एवं मांडलगढ़ में जाएंगे और फिर अन्य जिलों में जाएंगे. इन रथों के जरिए फिल्म एवं नुक्कड नाटकों के माध्यम से लोगों को रिफाइनरी से होने वाले लाभ बताए जाएंगे.

इन रथों पर पीएम मोदी और सीएम वसुंधरा राजे की बड़ी तस्वीर के साथ ही रिफाइनरी से होने वाले लाभों को लिखा गया है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी का कहना है कि रिफाइनरी स्थापित होने से प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी. वसुंधरा सरकार के मंत्रियों,भाजपा विधायकों एवं पदाधिकारियों को अपने भाषणों में रिफाइनरी की चर्चा करने के लिए कहा गया है.

रिफाइनरी के शिलान्यास को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों आमने-सामने

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीन दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि सोनिया गांधी 22 सितम्बर,2013 को जिस स्थान पर मंत्रोच्चारण के साथ रिफाइनरी का शिलान्यास कर चुकी उसी स्थान पर फिर से पूजा करना हिन्दू धर्म कांड के लिहाज से ठीक नहीं है. गहलोत ने कहा कि पहले से जिस स्थान पर शिलान्यास हो चुका उस स्थान पर फिर से शिलान्यास करना प्रधानमंत्री के सम्मान के लिए ठीक नहीं है. अजमेर एवं अलवर संसदीय क्षेत्रों एवं मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के उप चुनाव में कांग्रेस इसे मुदृदा बना रही है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट का कहना है कि मात्र राजनीतिक फायदे के लिए फिर से शिलान्यास कराया जा रहा है.

पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने सोनिया से कराया था शिलान्यास

इस सबसे अलग बाड़मेर में सपने दिखाने की अलग राजनीति चल रही है. 2013 में विधानसभा चुनाव से पहले गहलोत सरकार ने सोनिया गांधी को बुलाकर तेल रिफाइनरी का शिलान्यास करवाया था. वसुंधरा राजे ने सत्ता में आते ही इसे घाटा का सौदा बताकर बंद कर दिया. अब 2018 में विधानसभा चुनाव है तो वसुंधरा राजे ने 16 जनवरी को फिर से शिलान्यास करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाया है.

पहली बीएस-6 रिफाइनरी

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि तब सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए शिलान्यास किया गया था. जबकि अब केंद्र सरकार ने राज्य के साथ मिलकर हर तरह की मंजूरी ले ली है और ठेका भी दे दिया गया है. प्रधान का दावा है कि अब एक बार काम शुरू होगा तो फिर परियोजना के पूर्ण होने पर ही खत्म होगा. नब्बे लाख टन सालाना क्षमता वाली रिफाइनरी का काम 2022-23 तक पूरा किया जाएगा. प्रधान ने बताया कि रिफाइनरी तो अपने आप में बेहद आधुनिक होगा ही लेकिन इसके साथ बनाए जाने वाला पेट्रोकेमिकल संयंत्र भी कम आधुनिक नहीं होगा.

रिफाइनरी में सिर्फ बीएस-6 ईंधन का उत्पादन होगा. इस तरह से यह देश की पहली बीएस-6 ग्रीन फील्ड रिफाइनरी होगी। कुल क्षमता 90 लाख टन क्रूड शोधन की होगी. इसमें 25 लाख लाख टन स्थानीय क्रूड (राजस्थान के तेल ब्लॉक से निकाले जाने वाले) का इस्तेमाल होगा जबकि शेष 65 लाख टन आयातित या देश के दूसरे हिस्सों से निकाले जाने वाले क्रूड का इस्तेमाल होगा.

Web Title : Hydroelectricity politics about the refinery's foundation stone