राहुल द्रविड़ की महानता को ICC ने किया सलाम, हॉल ऑफ फेम सम्मान पाने वाले बने 5वें भारतीय

नई दिल्ली: टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी और ‘द वाल’ के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ को आईसीसी ने हॉल ऑफ फेम में जगह दी है। इस सूची में शामिल होने वाले वह 5वें भारतीय हो गए हैं। द्रविड़ से पहले बिशन सिंह बेदी, कपिलदेव, सुनिल गावस्कर और अनिल कुंबले के ये सम्मान मिला है। आईसीसी ने आयरलैंड के डबलिन में आयोजित समारोह में राहुल द्रविड़ के नाम की घोषणा की। द्रविड़ के साथ ही पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग (1995-2012) और इंग्लैंड की पूर्व महिला क्रिकेटर क्लेयर टेलर (1998-2011) को भी हॉल ऑफ में जगह दी गई है।pjimage

राहुल द्रविड़ ने सम्मान के लिए जताया आईसीसी का आभार
आईसीसी ने आयरलैंड के डबलिन में आयोजित एक समारोह में राहुल द्रविड़ के नाम की घोषणा की। इससे पहले साल 2015 में अनिल कुंबले को भी आईसीसी ने ‘हॉल आॅफ फेम’ शामिल किया था। द्रविड़ और कुंबले से पहले बिशन सिंह बेदी, कपिल देव और सुनील गावस्कर आईसीसी के ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल हैं। हालांकि, इंडिया-ए टीम के कोच राहुल द्रविड़ काम की प्रतिबद्धताओं के चलते इस समारोह में शामिल नहीं हो पाए। हालांकि, राहुल द्रविड़ ने एक वीडियो मेसेज जारी कर इस विशिष्ट सम्मान के लिए आईसीसी के प्रति अपना आभार प्रकट किया। द्रविड़ ने कहा कि मैं इस सम्मान को पाकर बेहद खुश हूं और ये हमेशा मेरे दिल के सबसे करीब रहेगा।

कोचिंग प्रतिबद्धताओं के चलते राहुल द्रविड़ अवॉर्ड सेरिमनी में नहीं पहुंच पाए थे। उन्होंने विडियो संदेश के जरिए आईसीसी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा, ‘हॉल ऑफ फेम में शामिल होना सम्मान और गर्व की बात है। सम्मानित वर्ग में शामिल करने के लिए मैं आईसीसी का शुक्रियाअदा करता हूं। मैंने जिन्हें अपना आइडल माना उनके साथ इस सम्मानित लिस्ट में शामिल किया जाना सौभाग्या की बात है। (Source: Twitter)उन्होंने कोचों और फैमिली को धन्यवाद देते हुए कहा, ‘मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने मेरे खेल में योगदान दिया। बचपन से लेकर भारत के लिए खेलने के दौरान विभिन्न कोचों ने मेरे खेल को ऊंचाइयां दीं। मैं उन सभी का शुक्रिया अदा करता हूं। माता-पिता, फैमिली पत्नी और दोनों बच्चों, अपने बहुत सारे दोस्तों और जिन खिलाड़ियों के साथ और जिनके खिलाफ मैंने क्रिकेट खेली, जिन्होंने मेरे खेल को मजबूत किया उन सभी का शुक्रिया।’ इस दौरान उन्होंने अवॉर्ड सेरिमनी में नहीं पहुंच पाने पर दुख भी जताया। 

‘द वॉल’ ने खास लोगों को समर्पित किया यह सम्मान
उन्होंने कहा, ‘हॉल ऑफ फेम में शामिल होना मेरे लिए बड़े सम्मान और गर्व की बात है। इसके लिए मैं आईसीसी का शुक्रिया अदा करता हूं। क्रिकेटर बनने की यात्रा के दौरान एक युवा खिलाड़ी के रूप में जिन लोगों को खेलते हुए देखकर मैं बड़ा हुआ, जिन्हें मैंने अपना आदर्श माना, अब उनके साथ खुद का नाम शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मैं उन सभी लोगों के प्रति आभार प्रकट करना चाहूंगा, जिनकी वजह से मैं इस खेल में अपना करियर बना सका और अपने सपनों को पूरा कर सका। अपने परिवार, माता-पिता, पत्नी और दोनों बच्चों, अपने सभी कोचों, सभी दोस्तों, जिनके साथ और जिनके विरुद्ध मैंने क्रिकेट खेली और जिन्होंने मेरे खेल को मजबूत किया, मैं उन सभी का शुक्रिया अदा करता हूं।’

बने 5वें भारतीय
द्रविड़ से पहले यह सम्मान अनिल कुंबले (2015) को मिला था। उनसे पहले 2009 में बिशन सिंह बेदी, कपिल देव और सुनील गावसकर को एक ही साथ हॉल ऑफ फेम से सम्मानित किया गया था। बता दें कि राहुल द्रविड़ को ऑलटाइम बेस्ट टेस्ट क्रिकेटरों में शामिल किया जाता है। फिलहाल वह भारत में युवा खिलाड़ियों को तराशने का काम कर रहे हैं। उनकी कोचिंग में ही भारत ने इसी साल अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था। द्रविड़ का करियर
द वॉल (1996- 2012) ने टेस्ट करियर के दौरान 13,288 रन बनाए। उन्होंने टेस्ट में 36 शतक और 63 अर्धशतक लगाए। इसमें 5 बार दोहरा शतक भी शामिल है। टेस्ट में सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में सचिन तेंडुलकर (15921), रिकी पोंटिंग (13378) और जैक कैलिस (13289) के बाद चौथे नंबर पर हैं। वनडे की बात करें तो 344 मुकाबले खेले और 10,889 रन बनाए। उनके नाम वनडे में 12 सेंचुरी और 83 हाफ सेंचुरी दर्ज हैं। अब 87 को हॉल ऑफ फेम
हॉल ऑफ फेम सम्मान पाने वाले खिलाड़ियों की संख्या 87 हो गई है। इसमें 80 पुरुष और 7 महिलाएं क्रिकेटर हैं। देश की बात करें तो यह सम्मान सबसे अधिक इंग्लैंड (28) के खिलाड़ियों को मिला है। इस सम्मानित लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया (25), वेस्ट इंडीज(18), पाकिस्तान (5), भारत (5), न्यू जीलैंड (3), दक्षिण अफ्रीका (2) और श्री लंका का एक खिलाड़ी शामिल है। बता दें कि इस सम्मान की शुरुआत 2009 में हुई थी। 

डिफेंस थी द्रविड़ की ताकत

वर्ल्ड क्रिकेट में राहुल द्रविड़ अपने मजबूत डिफेंस के लिए मशहूर थे. इसी वजह से उन्हें भारतीय क्रिकेट की दीवार भी कहा जाने लगा. उनकी गिनती भारत के महान क्रिकेटरों में होने के साथ साथ टेस्ट क्रिकेट में नंबर 3 पर दुनिया के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में होती है. द्रविड़ ने भारत के लिए 164 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 13,288 रन बनाए. टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की फेहरिस्त में वो चौथे नंबर पर हैं. राहुल द्रविड़ का बल्ला टेस्ट क्रिकेट में भारत की कई यादगार जीतों का गवाह रहा है. साल 2004 में राहुल द्रविड़ को ICC क्रिकेटर ऑफ द ईयर और ICC टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर के खिताब से भी नवाजा जा चुका है.

फील्डिंग में वर्ल्ड रिकॉर्ड है नाम

टेस्ट क्रिकेट का महान बल्लेबाज होने के साथ साथ राहुल द्रविड़ की गिनती स्लिप के चुस्त फील्डरों में भी होती थी. साल 2012 में जब उन्होंने अपने टेस्ट करियर को गुडबाय बोला तो उनके खाते में 210 कैच दर्ज थे, जो कि आज भी वर्ल्ड रिकॉर्ड है. इसके अलावा राहुल द्रविड़ कुछ वक्त के लिए भारतीय टीम के कप्तान भी रहे. यही नहीं उनके नाम वनडे क्रिकेट में भी 12 शतकों के साथ 10889 रन दर्ज हैं.

Web Title : ICC honors the greatness of Rahul Dravid