‘राम जन्म भूमि पर राम मंदिर बना तो राजस्थान के इन पत्थरों की होगी अहम भूमिका, जानें…

जयपुर: राम मंदिर निर्माण को लेकर एक बार सियासत फिर गरमा गई है ! अयोध्या में विवादित स्थल पर क्या बनेगा फिलहाल तो ये सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही तय होगा, लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि अगर हिंदू संगठन केश जीत भी जाते हैं तो भी बिना राजस्थान के राम मंदिर नही बनाया जा सकता। मंदिर के निर्माण में राजस्थान की सबसे बड़ी और अहम भूमिका होगी।
राम मंदिर की जो कल्पना की गई है वो बिना राजस्थान के पत्थरों के मूर्तरूप नहीं ले सकती। और इसकी वजह है राजस्थान के लाल पत्थर।  ये पत्थरों अपनी एक अलग पहचान के लिए पूरे देश में जाने जाते है। लाल किला से लेकर बुलंद दरवाजा समेत तमाम ऐतिहासिक इमारते राजस्थान के इसी लाल पत्थर से बनाई गईं हैं।हालांकि अयोध्या मामले में अभी तक सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं आया है, लेकिन विश्व हिंदू परिषद समेत तमाम संगठन ने राजस्थान से पत्थरों को मंगवाने के साथ-साथ उन्हें तराशने का काम भी शुरु कर दिया है। निर्माण कार्य के लिए राजस्थान के भरतपुर में स्थित बंशी पहाड़पुर से सैंड स्टोन राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या मंगाए जा रहे हैं। यह पत्थर विश्व हिन्दू परिषद की देखरेख में अयोध्या पहुंच रहे हैं।विश्व हिंदू परिषद ने अयोध्या में राम मंदिर बनवाने के लिए मंगवाए पत्थरये हैं विशेषताएं
भरतपुर में स्थित बंशी पहाड़पुर का पत्थर गुलाबी रंग का होता है और पानी में रहने के साथ यह पत्थर ज्यादा मजबूत, टिकाऊ और सुंदर होता जाता है। लाल किला, बुलंद दरवाजा सहित देश के अनेकों किलों का निर्माण इसी पत्थर से हुआ था जो हजारों वर्षों से ऐसे ही खड़े हैं। इन पत्थरों का रंग भी नहीं बदलता है और बारिश के पानी से इनमें और ज्यादा निखार आता है।

भरतपुर गए थे विहिप के महामंत्री
उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद विश्व हिन्दू परिषद् के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चम्पत राय भरतपुर गए थे और उन्होंने बंशी पहाड़पुर के पत्थर व्यापारियों से बात कर पत्थर को अयोध्या भेजने का ऑर्डर दिया।

हर माह 25 टन पत्थर जाएगा
ऑर्डर के मुताबिक करीब 1350 टन सैंड स्टोन पत्थर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पहुंचना है, इसलिए प्रतिमाह एक ट्रॉला पत्थर अयोध्या के लिए भेजा जायेगा।
बता दें कि  2005 में अयोध्या में राम मंदिर के लिए बाहर से पत्थर लाने पर पाबंदी लगा दी गई थी।  तब भी राजस्थान के सिरोही जिले के पिंडवारा से तराशे गए पत्थर भेजे गए थे।

 

Web Title : If Ram temple is built on Ram's birth land then these stones of Rajasthan will be of vital importance