चीन और पाकिस्तान से निपटने के लिए भारतीय सेना ने रक्षा बजट के लिए मांगे 27 लाख करोड़

नई दिल्ली: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और चीन से लगातार चुनौती का सामना कर रही भारतीय सेना ने रक्षा बजट के लिए अगले 5 सालों का 27 लाख करोड़ रूपये देने की मांग की है. इस बजट में ज्यादातर पैसा हथियारों के आधुनिकीकरण पर खर्च करने की बात कही गई है. केंद्रीय रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि 13वीं योजना के इस रक्षा प्लान पर करीब 26,83,924 करोड़ रुपए खर्च किए जा सकते हैं.  इस बात का जिक्र 11 जुलाई को हुई कॉन्फ्रेंस में भी हुआ था. जहां केंद्रीय रक्षा मंत्री अरुण जेटली समेत स्टेकहोल्डर्स और डीआरडीओ भी मौजूद था.

सेना चाहती है कि 13 वीं योजना को जल्द से जल्द मंजूरी दी जाए. केंद्रीय रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने भी कहा है कि सेना का आधुनिकीकरण बेहद जरूरी है. लेकिन यह भी सच है कि वास्तविक वार्षिक रक्षा बजट में गिरावट की वजह से आधुनिकीकरण बजट लटका हुआ है. भारत एक तरफ पाकिस्तान से लड़ाई लड़ रहा है तो दूसरी तरफ चीन के साफ तनाव बना हुआ है.

रक्षा बजट में बढ़ोतरी की मांग ऐसे समय में आई है, जब जब सिक्किम में चीन के साथ टकराव चल रहा है और एलओसी पर पाकिस्तान के साथ लगातार गोलीबारी हो रही है. हालांकि सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने आश्वासन दिया कि आधुनिकीकरण परियोजनाओं के लिए पूंजीगत व्यय प्राथमिक होगा

Web Title : Indian army has demanded Rs 27 lakh crore for defense budget to tackle China and Pakistan