नई दिल्ली। चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ अपने पिछले मैच में सिर्फ 99 रनों पर ढेर होकर मैच गंवाने वाली दिल्ली कैपिटल्स की टीम आइपीएल में अब अपने घर फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपने इस सत्र का समापन जीत के साथ करने उतरेगी। इसके साथ ही दिल्ली की टीम रॉयल्स पर बड़ी जीत हासिल करके अंक तालिका में शीर्ष-दो में जगह बनाने की कोशिश करेगी।

दिल्ली और राजस्थान ने अपने-अपने महत्वपूर्ण खिलाडि़यों को खो दिया, जिनकी कमी उन्हें इस मैच में खलेगी। तेज गेंदबाज कैगिसो रबादा पीठ में जकड़न के कारण अपने देश दक्षिण अफ्रीका लौट चुके हैं, जबकि विश्व कप की तैयारियों के चलते स्टीव स्मिथ राजस्थान को छोड़कर अपने राष्ट्रीय कैंप के लिए स्वदेश लौट गए। दिल्ली सात साल में पहली बार प्लेऑफ खेलेगी। चेन्नई के हाथों 80 रन से हारने के बाद दिल्ली को मनोबल बढ़ाने के लिए बड़ी जीत की जरूरत है। राजस्थान पर जीत से दिल्ली के पहले क्वालीफायर में खेलने की उम्मीद बढ़ेगी, जिससे उसे 12 मई को होने वाले फाइनल में खेलने के दो मौके मिलेंगे।

पंत का चलना जरूरी : दिल्ली के कप्तान श्रेयस अय्यर की चिंता बल्लेबाजों के एक ईकाई के रूप में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने की है। चेन्नई के चार विकेट पर 179 रन के जवाब में दिल्ली की टीम 99 रन पर आउट हो गई थी जिसमें अय्यर के 44 रन थे। पृथ्वी शॉ, शिखर धवन, रिषभ पंत और कोलिन इंग्राम भी चेन्नई के खिलाफ खराब प्रदर्शन को भुलाकर अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे। हालांकि, प्लेऑफ में खेलने से पहले पंत के पास अभ्यास के तौर पर यह मैच महत्वपूर्ण है जिसमें वह अपनी खोई हुई लय वापस पा सकते हैं। धवन ने इस सत्र में कुछ हद तक अच्छा प्रदर्शन किया है और वह 13 मैचों में 470 रन बना चुके हैं। वहीं, पंत ने 13 मैचों में 348 रन बनाए हैं। पंत को विकेटकीपिंग में भी सुधार करना होगा जो महत्वपूर्ण मौकों पर कैच टपका देते हैं। सभी की नजरें युवा सलामी बल्लेबाजी शॉ पर भी रहेंगी, जो गलत शॉट का चयन करके जल्दी पवेलियन लौट रहे हैं।

दिल्ली का तेज आक्रमण हुआ कमजोर : रबादा की गैरमौजूदगी में दिल्ली का तेज गेंदबाजी आक्रमण कमजोर हुआ है। वह दिल्ली को अहम मौकों पर विकेट दिलाते रहे हैं। फिरोजशाह कोटला में कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ अपनी टीम को सुपर ओवर में भी रबादा ने ही जीत दिलाई थी, जिसमें विस्फोटक बल्लेबाज आंद्रे रसेल का विकेट भी शामिल था। 23 वर्षीय रबादा ने इस सत्र में 12 मैचों में 25 विकेट झटके हैं। रबादा के बाद शुरुआती विकेट चटकाने का जिम्मा तेज गेंदबाज इशांत शर्मा पर रहेगा।

रहाणे फिर संभालेंगे कमान : राजस्थान का रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर के खिलाफ पिछला मैच बारिश के कारण धुल गया था। कप्तान स्टीव स्मिथ विश्व कप की तैयारी के लिए ऑस्ट्रेलिया लौट चुके हैं और ऐसे में अजिंक्य रहाणे फिर कमान संभालेंगे। रहाणे जब इस सत्र में टीम की कमान संभाल रहे थे तब उनका बल्ला भी शांत था। लेकिन, जैसे ही उन्हें कप्तानी से हटाकर स्मिथ को इस पद पर नियुक्त किया गया तो उनका बल्ला भी चल पड़ा। अब रहाणे पर अच्छी बल्लेबाजी और कप्तानी की दोहरी जिम्मेदारी रहेगी। स्मिथ की जगह भरने को लेकर राजस्थान के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं, लेकिन उनकी जगह एश्टन टर्नर को अंतिम एकादश में जगह दी जा सकती है। स्मिथ, जोस बटलर और बेन स्टोक के जाने से राजस्थान की बल्लेबाजी कमजोर हुई जिससे रहाणे, संजू सैमसन और लियाम लिविंगस्टोन पर दबाव आ गया, लेकिन पिछले मैच में श्रेयस गोपाल की हैट्रिक के बाद राजस्थान की गेंदबाजी में जान आ गई।