बीकानेर: क्राइम कंट्रोल में आईटी तकनीक पर रहेगा जोर, जनमित्र बनेगी पुलिस

बीकानेर। नया साल शुरू होने के साथ ही राजस्थान पुलिस के प्राथमिकता हो गई। जनता में छवि सुधारने के लिये पुलिस इस साल जनमित्र बनकर काम करेगी। इसके अलावा क्राइम कंट्रोल में आईटी तकनीक के उपयोग पर जोर रहेगा। पुलिस मुख्यालय द्वारा पिछले सप्ताह राजस्थान पुलिस प्राथमिकताएं 2019 का निर्धारण कर सभी जिलों में भेजा गया। प्राथमिकताओं में पुलिस को जनमित्र बनाना सबसे ऊपर रखा गया। इसके लिए पुलिस आमजन में संवाद स्थापित कर उन्हें अपना मित्र बनाएगी। इसके अलावा क्राइम कंट्रोल के लिए संगठित अपराध एवं हार्डकोर अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण समेत पांच प्राथमिकता निर्धारित की गई है।

प्रशासनिक प्राथमिकताओं में तय किया गया कि आर्थिक एवं साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस को प्रभावी रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के विरूद्ध अपराधों में कमी लाना भी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। तमाम जिलों में पुलिस लाइन का सौन्दर्यकरण एवं स्वच्छता को भी पुलिस प्राथमिकताओं में शामिल किया गया। इसके अलावा बीट प्रणाली का सुदृढ़ीकरण एवं इसे और अधिक प्रभावी बनाना। पुलिस थानों के मालखाना में पुराने जब्तशुदा माल वाहनों का निस्तारण कराना। संगठित अपराध हार्डकोर अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण।

सड़क दुर्घटनाओं वाले क्षेत्र चिह्नित करना तथा दुर्घटनाओं में इस साल 10 प्रतिशत कमी लाना पुलिस की प्राथमिकता रहेगी। प्रदेश पुलिस के नए महानिदेशक कपिल गर्ग पुलिस दो श्रेणियों में पुलिस की प्राथमिकताओं को जारी किया। पुलिस मुख्यालय ने प्राथमिकताओं के अनुसार काम करने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश जारी किए। दरअसल हर नए साल की शुरुआत में राजस्थान पुलिस अपनी प्राथमिकताओं का निर्धारण करती है। इसके बाद पूरे वर्षभर पुलिस महकमा इन प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर काम करता है।

Web Title : IT control in crime control will remain