पाकिस्तान के मुल्तान शहर में है प्रल्हादपुरी मंदिर, यहाँ से लाई गई मूर्ति अब है हरिद्वार में

जब अयोध्या में बाबरी ढांचा ढहाया जा रहा था तब पाकिस्तान इस मंदिर को तोड़ रहा था... और फिर एक हिन्दू भगवान की मूर्ति को भारत ले आया...

नई दिल्ली:  क्या आपको मालूम है कि भारत के सबसे प्रसिद्ध त्योहार होली का सबंध पाकिस्तान से है? माना जाता है कि होली की शुरुआत भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान से हुई. इसके पीछे बेहद ही खास वजह बताई जाती है और वो है पाकिस्तान के मुल्तान शहर में मौजूद प्रल्हादपुरी मंदिर. Image result for पाकिस्तान के मुल्तान शहर में है प्रल्हादपुरी मंदिर

माना जाता है कि हिरण्यकश्यप के बेटे प्रल्हाद ने भगवान नरसिंह (विष्णु के अवतार) के सम्मान में एक मंदिर बनवाया, जो फिलहाल पाकिस्तान के शहर मुल्तान में आता है. भगवान नरसिंह ने ही खंभे में अपने दर्शन देकर भक्त प्रल्हाद की जान बचाई थी. इसी मंदिर से होली की शुरुआत हुई. यहां दो दिनों तक होलिका दहन उत्सव और होली पूरे नौ दिनों तक मनाई जाती थी.  पाकिस्तान के मुल्तान में इस पर्व को चौक-पूर्णा त्योहार कहा जाता है.

वहीं, आपको बता दें भगवान नरसिंह के इस पहले मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया.स्पिकिंग ट्री के मुताबिक भारत में बाबरी मस्जिद को गिराने के बाद पाकिस्तान में कई हिंदू मंदिरों को गिराया गया, जिनमें से एक प्रल्हादपुरी मंदिर भी था. Image result for पाकिस्तान के मुल्तान शहर में है प्रल्हादपुरी मंदिर

लेकिन अब इस मंदिर में रखी भगवान नरसिंहा की मूर्ति हरिद्वार में है, जिसे बाबा नारायण दास बत्रा भारत लेकर आए. नारायण दास प्रसिद्ध वयोवृद्ध संत हैं, जिन्होंने भारत में कई स्कूलों और कॉलेजों का निर्माण कराया. समाज के उत्थान के लिए किए गए कार्यों के लिए उन्हें साल 2018 में पद्मश्री से भी नवाज़ा गया.

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