मौसम ने अपना मिजाज बदल लिया है । बादलों के साथ हल्की बूंदाबांदी के बाद चार दिन फिर सर्दी की चमक रहने का अनुमान है । शनिवार की रात आये मौसम के इस बदलाव के बाद रबी की फसलों में मसलन जीरे और इसबगोल के उत्पादन पर असर पड़ेगा । साथ ही ये मौसम हमारी सेहत का जानी दुश्मन भी हो सकता है.

गर्मी के मौसम में अटक गई सर्दी

वैसे ये मौसम करवट लेने का रहता है । इस समय सर्दी रुखसत हो जाती है और गर्मी का प्रकोप बढ़ जाता है । लेकिन इस वर्ष मार्च महीने में ऐसी सर्दी सेहत के लिये कुछ फायदा देने वाली नही रहेगी।

गर्मी में भी सर्दी का अहसास

मौसम का रवैया नही बदले तो इस समय घरों में पंखे चलने शुरू हो जाते है लेकिन इस वर्ष अभी तक गर्म वस्त्रों की विदाई नही हुई है। हाल ये है लोगों को सर्दी के बंदोबस्त रखने पड़ रहे हैं।

                  बदले मौसम में बचें गंभीर बीमारी से

डॉक्टर लवली जेठवानी बताती है कि ये मौसम नवजात के लिये ठीक नही है । नन्हे बच्चों को जुखाम लग सकता है ऐसे में उनका ख्याल रखना जरूरी हो गया है । इसकी वजह भी है क्योंकि इन दिनों स्वाइन फ्लू का असर है और ऐसे में जचा बच्चा दोनों की सेहत का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए ।