ब्रिटेन जलियांवाला बाग नरसंहार और बंगाल अकाल के लिये मांगे माफ़ी- पाकिस्तान

जलियांवाला बाग नरसंहार की घटना अप्रैल 1919 में बैसाखी के दिन हुई थी,जब कर्नल आर डायर के नेतृत्व में ब्रिटिश भारतीय सैनिकों ने स्वतंत्रता के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां बरसाईं थीं।

पाकिस्तान ने गुरुवार को इस मांग का समर्थन किया कि ब्रिटिश सरकार 1919 के जलियांवाला बाग नरसंहार और बंगाल के अकाल के लिये अवश्य माफी मांगे। यह मांग जलियांवाला बाग नरसंहार की 100 वीं बरसी से पहले की गई है। जलियांवाला बाग नरसंहार को लेकर ब्रिटेन सरकार के माफी मांगने की मांग का ट्विटर पर समर्थन करते हुए पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने यह भी कहा कि ब्रिटेन कोहिनूर हीरा लाहौर संग्रहालय को अवश्य लौटाए।

उन्होंने कहा, ”इस मांग का पूरी तरह समर्थन करता हूं कि ब्रिटिश साम्राज्य जलियांवाला बाग नरसंहार और बंगाल के अकाल के लिये पाकिस्तान, भारत और बांग्लादेश से अवश्य माफी मांगे- ये त्रासदी ब्रिटेन के चेहरे पर धब्बा हैं। साथ ही कोहिनूर हीरा लाहौर संग्रहालय को अवश्य लौटाया जाए।” पाकिस्तानी मंत्री का बयान ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे के जलियांवाला बाग नरसंहार को ब्रिटिश भारतीय इतिहास का ‘शर्मनाक धब्बा’ बताने के एक दिन बाद आया है। हालांकि, उन्होंने औपचारिक तौर पर उस घटना के लिये माफी नहीं मांगी।

जलियांवाला बाग नरसंहार की घटना अप्रैल 1919 में बैसाखी के दिन हुई थी,जब कर्नल आर डायर के नेतृत्व में ब्रिटिश भारतीय सैनिकों ने स्वतंत्रता के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां बरसाईं थीं। वहीं, 1943-44 में बंगाल में पड़े अकाल में तकरीबन 30 लाख लोगों की मौत हुई थी।

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