मालिकाना हक़ की लड़ाई को लेकर गाय हुई अदालत में पेश

यूपी सूबे के पूर्व मंत्री आजम खान की भैंसे चोरी हो गई थी... अपनी सरकार के रहते खान आग बबूला हो गए थे और आखिरकार पुलिस को भैंसों को बरामद करना पड़ा.... इस बार राजस्थान में एक गाय का किस्स्सा है जिसके मालिक दो है.. मामला आगे बढ़ा तो पुलिस ने गाय को कचहरी में हाजिर कर दिया.....

अब तक आपने यूपी सूबे के आजम खान की भैंसों की चोरी की खबर पढ़ी होगी जिसमें पुरे प्रदेश की पुलिस ने ख़ाक छानकर भैंसों की बरामदगी की. लेकिन इस बार मामला गाय का है जिसके मालिक दो है और गाय एक. लिहाजा मामले को लेकर शुक्रवार को जोधपुर के एक लोकल कोर्ट में गाय की पेशी हुई. वकील  ने बताया कि गाय के मालिकाना हक को लेकर दो लोगों के बीच विवाद हुआ. एफआईआर दर्ज कराई गई. गाय की कोर्ट में पेशी हुई. वकील ने बताया कि गाय की भौतिक सत्यापन की गई. अब इस मामले में अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी.

राजस्थान के जोधपुर शहर में गाय को लेकर एक अनोखा मामला सामने आया है. दरअसल, जोधपुर  में एक गाय के मालिकाना हक  को लेकर दो लोगों के बीच विवाद हुआ है. एक मालिक पुलिस महकमे का है और ऐसे में दुसरे मालिक शिक्षक से तनातनी हो गई. गाय के मालिकाना हक को लेकर एक मुकदमा एमएम संख्या 3 कोर्ट में दायर है. अदालत में सुनवाई के दौरान दोनो पक्षों ने मालिकाना हक को लेकर अदालत के समक्ष अपनी बात रखी. जिसके बाद बयान भी दर्ज किए गए.

अब तक का पूरा मामला :मामला अगस्त 2018 में पेशे से शिक्षक श्याम सिंह ने मंडोर थाने में इस्तगासे से मुकदमा दर्ज करवाया था. जिसमें उन्होंने उनकी एक गाय को पुलिस कांस्टेबल ओम प्रकाश के द्वारा चोरी का आरोप लगाया. जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और गाय को बरामद कर गौशाला में भेज दिया. इसके पहले रजामंदी की खूब मिन्नतें भी हुई लेकिन मामला बहुत आगे बढ़ गया तब गाय को अदालत की चौखट तक आना पड़ा.

शिक्षक का दावा गाय उसकी है: शिक्षक श्याम सिंह ने बताया कि उनकी गाय अपना दूध खुद भी पीती है. जिसके बाद कोर्ट ने मामले में निगरानी के लिए पुलिस को गौशाला में सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए. करीब 50 घंटे की रिकॉर्डिंग के बाद भी पुलिस ने श्याम सिंह की बात की तस्दीक नहीं होने का हवाला देते हुए मुकदमें में अंतिम रिपोर्ट यानि एफआर लगा दी. इसके बाद श्याम सिंह और ओम प्रकाश ने सेशन कोर्ट में धारा 457 के तहत अर्जी दायर की. जिस पर सेशन कोर्ट ने मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट को तीन माह में जांच पूरी करने के निर्देश दिए.

गाय हुई अदालत में हाजिर: इस बार मजिस्ट्रेट ने गाय को पेश करने का आदेश दिया. भले ही आपको ये जानकर हैरानी हो रही होगी लेकिन पुलिस ने बाकायदा गाया को पेश किया, ये बात अलग रही कि गाय के दोनों मालिकों के बयान हुए. चूँकि अब अदालत का दखल है तो मामले में फैसले का इंतजार है.Image may contain: 7 people, wedding and outdoor

जब घोडा पहुंचा हवालात: मामला बालोतरा बाड़मेर का है और बरसों पहले इस मामले में पुलिस ने घोड़े को गिरफ्तार किया था. लेकिन आम कैदियों की तरह घोड़े को बंदी नहीं बनाया गया बल्कि उसे पुलिस थाणे परिसर में बांधकर पुलिस वालों को ही उसे चारा पानी देने का बंदोबस्त करना पड़ा था.

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