स्पेशल 26- हमारे सविंधान के साथ जुड़ा है 26 का आंकड़ा

डॉक्‍टर भीमराव अंबेडकर ने 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में पारंपरिक तरीके से त्रिरत्न और पंचशील को अपनाते हुए बौद्ध धर्म को अपना लिया. सवाल ये है कि सविंधान के निर्माण तक में शामिल रहे अम्बेडकर का पिछड़ों से मोहभंग हुआ. ?.... क्या उन्हें अपने अतीत में शांति नहीं मिली....

हमारे सविंधान को बनाने में बड़ी बारीकियों का समावेश हुआ है. आज हम आपको बता रह है कि हम 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं, क्योंकि इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था। खास बात ये है कि हमारे  संविधान के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले 26 लोगों का परिश्रम है. कौन है वो 26 लोग हम बता रहे है.

आधुनिक भारत के लोकतंत्र के लिये संविधान निर्माण में 2 साल 11 महीने और 17 दिन लगे। इस दौरान 165 दिनों के कुल 11 सत्र बुलाये गये। देश की आजादी के कुछ दिन बाद 29 अगस्त 1947 को संविधान सभा ने संविधान का मसौदा तैयार करने के लिये डॉं. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में ड्राफ्टिंग कमेटी का गठन किया। 26 नवंबर 1949 को हमारा संविधान स्वीकार किया गया और 24 जनवरी 1950 को 284 सदस्यों ने इस पर हस्ताक्षर करके इसे अपनाया। इसके बाद जब 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू किया गया।

26 जनवरी/ गणतंत्र दिवस के लिये 26 लोगों का योगदान 

पंडित जवाहर लाल नेहरूRelated image
हमारे पहले प्रधानमंत्री थे नेहरू। हम इन्हीं के जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में 14 नवंबर को मनाते हैं। ये संविधान सभा में राज्यों की समिति, संघीय शक्ति समिति और संघीय संविधान समिति के अध्यक्ष थे। इन्हें आधुनिक भारत का निर्माता कहा जाता है। आजादी की लड़ाई में कूदने से पहले यह इलाहाबाद हाई कोर्ट में वकालत करते थे।

सरदार वल्लभ भाई पटेल Related image
लौहपुरुष के नाम से विख्यात सरदार पटेल मूलभूत अधिकारों, अल्पसंख्यक और कबाइली क्षेत्रों की सलाहकार समिति के अध्यक्ष थे। संविधान के निर्माण और भारत को आजादी के बाद एक झंडे के तले लाने में इनकी भूमिका सर्वोपरि है। आजादी के समय हमारा देश अलग-अलग रियासतों में बंटा था और सरदार पटेल ने इन्हें एकजुट किया। इन्होंने सत्याग्रह और आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इनका जन्म 31 अक्टूबर 1875 को तत्कालीन बॉम्बे प्रेसीडेंसी में हुआ था। ये भी पेशे से वकील थे। ये भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री थे। इनका निधन 15 दिसंबर 1950 को हुआ।

                                                आचार्य जे बी कृपलानी
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इन्हें आचार्य कृपलानी के नाम से जाना जाता है। ये संविधान सभा में मूलभूत अधिकारों की उपसमिति के अध्यक्ष थे। इनका जन्म 11 नवंबर 1888 को हुआ था। ये मशहूर गांधीवादी, समाजवादी, पर्यावरणविद् और जमीन से जुडे़ स्वतंत्रता सेनानी थे। इन्होंने बिहार के मुजफ्फरपुर कॉलेज, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य किया था। इनका निधन 19 मार्च 1982 को हुआ। इनकी पत्नी सुचेता कृपलानी देश की पहली महिला
मुख्यमंत्री थीं।

                                         सरोजिनी नायडू Image result for सरोजिनी नायडू 
भारत कोकिला के नाम से मशहूर सरोजिनी नायडू संविधान सभा की सदस्या थीं। वे संविधान सभा की पहली बैठक में मौजदू थीं। बंगाल विभाजन के दौरान ये कांग्रेस में शामिल हुईं और आजादी की लड़ाई में सक्रिय रहीं। इनका जन्म हैदराबाद में 13 फरवरी 1879 को हुआ और निधन 70 साल की उम्र में 2 मार्च 1949 को हुआ।

                                         गोविंद वल्लभ पंतImage result for गोविंद वल्लभ पंत
गोविंद वल्लभ पंत का जन्म अल्मोड़ा के पास 10 सितंबर 1887 को हुआ था। ये पेशे से वकील थे। इन्हें स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लेने के कारण कई बार जेल जाना पड़ा। भारत छोड़ों आंदोलन के दौरान इन्हें अहमदनगर किले में तीन साल कैद में काटने पडे़ थे। इन्हें भारतरत्न से सम्मानित किया गया। इन्होंने भाषायी आधार पर राज्यों को एकीकृत करने का काम किया। ये वर्ष 1955 से 1961 तक केंद्रीय मंत्री भी रहे। इनका निधन 7 मार्च 1961 को हुआ था।

                                          डॉं. बी आर अंबेडकरImage result for डॉ. बी आर अंबेडकर
ये संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष थे। इन्हें बाबा साहेब के नाम से भी जाना जाता है। इनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को हुआ था। इन्हें संविधान का निर्माता माना जाता है। संविधान तैयार करने में इनका सबसे अधिक योगदान रहा है। इन्होंने जीवन भर अस्पृश्यता के खिलाफ संघर्ष किया। जीवन के अंतिम क्षणों में इन्होंने बौद्ध धर्म स्वीकार किया।

शरत चंद्र बोसRelated image
संविधान सभा के सदस्य थे। इनका जन्म 6 सितंबर 1889 को हुआ था। ये एक वकील और स्वतंत्रता सेनानी थे। ये नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बड़े भाई थे। इनका निधन 20 फरवरी 1950 को हुआ। इन्होंने भारत छोड़ों आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।

सी राजगोपालाचारीImage result for सी राजगोपालाचारी
इन्हें राजाजी के नाम से जाना जाता है। ये संविधान सभा की पहली बैठक में उपस्थित थे। इनका जन्म 10 दिसंबर 1878 को हुआ। ये स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल थे। ये प्रसिद्ध वकील, स्वतंत्रता सेनानी, लेखक, दार्शनिक और राजनीतिज्ञ थे। इन्होंने अपनी पुत्री लक्ष्मी का विवाह गांधी जी के पुत्र देवदास गांधी से कराया था। ये मद्रास के मुख्यमंत्री, भारत के गृहमंत्री और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे। इनका निधन 25 दिसंबर 1972 को हुआ।

इनका योगदान भी कम नहीं…


डॉं. सच्चिदानंद सिन्हा
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संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष थे। 20 साल की उम्र में इन्होंने बिहार को अलग राज्य बनाने के लिये आंदोलन छेड़ा था। 1936-1944 तक पटना विश्वविद्यालय के उपकुलपति रहे।

                                         ए कृष्णास्वामी अय्यरRelated image

 

 

 

संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति के 6 सदस्यों में से एक थे। ये मद्रास के एडवोकेट जनरल थे।

 

 

               बी पट्टाभि सीतारमैया- Related image

 

 

संविधान सभा में हाउस कमेटी के अध्यक्ष थे। 1952 -1957 तक मध्यप्रदेश के राज्यपाल रहे।

 

 

 

                                                                                                के एम मुंशी- Related image

 

भारतीय विद्या भवन की स्थापना की। ये साहित्यकार थे। संविधान सभा में ऑर्डर ऑफ बिजनेस कमेटी के अध्यक्ष थे।

 

 

 

                                                जी वी मावलंकर-Image result for जी वी मावलंकर-

संविधान सभा की कार्रवाई समिति के अध्यक्ष थे। ये लोकसभा के पहले अध्यक्ष थे।

                                एच सी मुखर्जी- Image result for एच सी मुखर्जी- 

संविधान सभा में अल्पसंख्यकों की उपसमिति के अध्यक्ष थे। पश्चिम बंगाल के पहले राज्यपाल बने।

 

 

 

                                          गोपीनाथ बारदोलोईImage result for गोपीनाथ बोरदोलोई-संविधान सभा में नार्थ-ईस्ट फ्रंटियर ट्राइबल एरिया एंड असम की उपसमिति के अध्यक्ष थे।
ए वी ठक्करRelated imageसंविधान सभा में असम को छोड़कर अन्य क्षेत्रों की उपसमिति के अध्यक्ष थे। हरिजनों के उत्थान में योगदान दिया।

बी एल मित्तर– ये संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति के 6 सदस्यों में से एक थे। ये एडवोकेट जनरल थे।

सैयद मोहम्मद सादुल्लाहImage result for सैयद मोहम्मद सादुल्लाह संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति के 6 सदस्यों में से एक थे। प्रसिद्ध वकील थे।

डी पी खैतान- प्रसिद्ध वकील थे। ये संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति के 6 सदस्यों में से एक थे।
बी एन राव-Image result for बी एन राव संविधान सभा के सलाहकार थे। संयुक्त राष्ट्र में भारत के पहले स्थायी प्रतिनिधि रहे।

                                                                     माधव राव-

Image result for माधव रावबी एल मित्तर के इस्तीफे के बाद इन्हें संविधान की मसौदा निर्माण समिति का सदस्य नियुक्त किया गया था।

 

 

टी टी कृष्णमाचारी-Image result for टी टी कृष्णमाचारी डी पी खैतान के निधन के बाद इन्हें ही संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति में जगह दी गयी थी।

 

 

 

एन गोपालस्वामी अयंगर-Image result for एन गोपालस्वामी अयंगर संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति के 6 सदस्यों में से एक थे। आजादी के पहले कश्मीर के प्रधानमंत्री  थे।

श्री हरे कृष्ण महताब- यह संविधान सभा के सदस्य थे और 1946 से 1950 तक उड़ीसा के मुख्यमंत्री रहे। इन्होंने दांडी मार्च में हिस्सा लिया और अस्पृश्यता के खिलाफ आंदोलन किया।

एम आसफ अली-Image result for एम आसफ अली यह संविधान सभा के सदस्य थे। ये प्रसिद्ध वकील और स्वतंत्रता सेनानी थे। इन्हें कई बार जेल जाना पड़ा था। ये अमेरिका में भारत के पहले राजदूत थे।

भारत की जनता- संविधान के निर्माण में, उसके अनुपालन में और उसके प्रति आस्था की अभिव्यक्ति में भारतीय जनता का स्थान सर्वोपरि है, क्योंकि यह पूरा संविधान हम भारत के लोगों के द्वारा ही अंगीकृत और आत्मार्पित है।

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