मंदिर में भजन गाता है ये कुत्ता, कहीं पूर्वजन्मों का भी हवाला

कभी आपने कुत्ते को भजन गाते हुए सुना है? जरूर यह बात आपको अजीब लग रही होगी, लेकिन पुणे में एक कुत्ता ऐसा भी है जो हर गुरुवार शाम मंदिर में जाता है और भजन कीर्तन में शामिल होता है.

कहते है जानवरों में इंसानों से कहीं ज्यादा सूंघने, देखने और सुनने की शक्ति होती है. अब बात ऐसे कुते की जो मंदिर में भजन गाता है. यह बात आपको अजीब लग रही होगी, लेकिन पुणे में एक कुत्ता ऐसा भी है जो हर गुरुवार शाम मंदिर में जाता है और भजन कीर्तन में शामिल होता है.

ये विडियो हमें ट्विटर पर मिला है जिसे सुषमा दाते नाम की महिला ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है. जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो शेयर करके सुषमा दाते ने बताया है कि यह कुत्ता मेरे दोस्त के कारखाने पर रहता है. हर गुरुवार को यह मंदिर में आता है और कीर्तन में शामिल हो जाता है. फिर भजन कीर्तन ख़त्म होने के बाद कुत्ता प्रसाद लेकर कारखाने लौट जाता है.

ये कहते है ज्योतिष: ज्योतिषाचार्य मनोज मिश्रा कहते है कि सनातन के शास्त्रों में इस बात का उल्लेख मिलता है कि जीवन कर्म प्रधान है और जन्म कर्मों के आधार मिलता हैं. भागवत गीता में श्री कृष्ण ने कहा कि हम इन चक्षुओं द्वारा चाहे न देख सकें, लेकिन कुछ है, जो मृत्यु को पार करता है। पुनर्जन्म के इस सत्य पर आधारित होकर श्रीकृष्ण कहते है, इन्सान के कर्मों के आधार पर पुनर्जन्म की योनी का निर्धारण होता है.

कुते की वो शक्तियां जिसे आप अनभिज्ञ है: इसके लिए इस विडियो लिंक पर जा सकते है.

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