अब इस प्रदेश की स्कूली शिक्षा में शामिल होंगे विग कमांडर अभिनंदन

अभिनन्दन को कोई नहीं भुला सकता... यहाँ तक कि पाकिस्तान को भी सपने में हमारा जांबाज ही दिखेगा ... अब इस जांबाज को इस प्रदेश की सरकार अपने पाठ्यक्रम में शामिल करने जा रही है............

                                   जोधपुर. राजस्थान खोज खबर 

भारत ही नहीं सात समंदर पार हिन्द की साख में जांबाजी का जादू छोड़ने वाले भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनन्दन का गर्व किसे नहीं है. अब आपको राजस्थान की स्कूल पाठ्यक्रम में अभिनन्दन की जांबाजी पढ़ने को मिलेगी. राजस्थान सरकार की ओर से इस बात का जिक्र किया गया है कि स्कूली शिक्षा में देश भक्ति का पाठ पढाया जायेगा जिसमें सबसे पहले अभिनन्दन का पाठ होगा.

अभिनन्दन है भारत का गर्व 

हालाँकि ये बताने की बात नहीं है कि अभिनन्दन कौन है ? फिर भी आपको बता दें कि पुलवामा में पाकिस्तानी साजिश के तहत हुए आतंकी हमले में हमारे 40 जवान काल कवलित हो गये थे. उसके बाद भारतीय वायुसेना ने पीओके में जवाबी कार्यवाही करते हुए आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया.

भारत की इस कार्यवाही के बाद पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमान भारत में बमबारी करने आये थे लेकिन भारतीय वायुसेना के बेड़े के एक लड़ाके विमान मिग ने पाकिस्तान के अत्याधुनिक विमान एफ 16 को मार गिराया. इस बीच हमारा मिग क्रैश हो गया और हमारा जांबाज पायलट हवा के रुख के चलते पीओके में उतरा जिसे पाकिस्तान ने बंधक बना लिया था. इसके बाद कूटनीति और अंतराष्टीय दवाब के चलते हमारे पायलट अभिनन्दन को पाकिस्तान को रिहा करना पड़ा.

जांबाजी की अनोखी मिशाल है ये जवान पाकिस्तान ने मानसिक दबाव देकर भी अभिनन्दन से लाख सवाल किये लेकिन अभिनन्दन ने पाकिस्तान के भीतर उसे साफ कह दिया कि वो किसी ऐसे सवालों का जवाब देने में असमर्थ है जो भारत की साख से या रक्षा मसलों से जुड़े है. 

                                         जमीन पर उतरते ही निगल डाले दस्स्तावेज 

अभिनंदन जब पाकिस्तान की धरती पर उतरे तब स्थानीय लोगों ने उनके साथ मारपीट की लेकिन इस जवान ने उन्हें धमकाते हुए पानी के तालाब में छलांग लगा ली. उसके बाद कीमती कागजात निगल लिए. फिर पाकिस्तान की सेना के सामने आये लेकिन पाकिस्तान ने उस वक़्त दुसाहस दिखाया और उन्हें हिरासत में लिया जो कि जिनेवा संधि के नियमों का उलंघन था.

                                                 पहले हुए थे ये विवाद 

राजस्थान  में ड्रेस, सूर्य नमस्कार समेत कई ऐसे मसले रहे, जिन्हें लेकर विरोध भी किया गया. बीजेपी शाशित सरकार के समय सबसे अधिक विवाद महापुरुषों को जोडऩे और पाठ्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू से जुड़े कुछ अंशों में काट-छांट को लेकर रहा. एकीकरण वाले पाठ में पहले नेहरू की तस्वीर थी, लेकिन बाद में  सरदार पटेल की लगाई गई. तत्कालीन शिक्षा मंत्री देवनानी का कहना था कि पहले इतिहास एक विशेष परिवार तक सिमटा था, लेकिन फिर तिलक, पटेल, आंबेडकर वगैरह को भी जोड़ा गया. पाठ्यक्रम में जनसंघ के संस्थापक श्यामाप्रसाद मुखर्जी के कश्मीर आंदोलन, पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानव दर्शन, पूर्व सरसंघचालक के.एस. सुदर्शन की पर्यावरण पर कविता, बीजेपी नेता मेनका गांधी, नानाजी देशमुख, वीर सावरकर जैसे सीधे संघ से जुड़े हुए नाम शामिल किए गए थे. इसके अलावा संघ जिन्हें अपना आदर्श मानता हैं उनमें भी कई नाम पाठ्यक्रम में जोड़े गए.

 

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