नितीश संग प्रशांत की एंट्री, तो क्या नितीश बाबू का मोदी संग मोह भंग हो गया ?

प्रशांत नए नए नेता बने है लेकिन उनका बयान जेडीयू के लिए मुसीबतें खड़ा कर सकता है.....

राजस्थान खोज खबर: लोकसभा की चुनावी सरगर्मियां तेज हुई तो उठा पटक के आसार बढ़ गए है. अब खबर रणनीतिकाकर और जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर की ओर से आ रही है. जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने कहा है कि वह भाजपा के साथ दोबारा गठजोड़ करने के अपनी पार्टी के अध्यक्ष नीतीश कुमार के तरीके से सहमत नहीं हैं और महागठबंधन से निकलने के बाद भगवा पार्टी नीत राजग में शामिल होने के लिये बिहार के मुख्यमंत्री को आदर्श रूप से नए सिरे से जनादेश हासिल करना चाहिये था. बस, ये ही वजह है जो उठा पटक के आसार को हवा दिए जा रही है.Image result for प्रशांत किशोर

चुनावी रणनीतिकार में माहिर और अब नेता बने किशोर ने एक साक्षात्कार में यह बात कही. लगता है महागठबंधन से नाता तोड़कर बीजेपी के साथ आने के नीतीश कुमार के फैसले से प्रशांत किशोर खुश नहीं हैं. प्रशांत किशोर के बयान से उनकी अपनी ही पार्टी में नाराजगी है क्योंकि यह साक्षात्कार शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वाइरल हो गया.

ये भी कहा : अपने इंटरव्यू में किशोर ने इस बात को रेखांकित किया कि नेताओं का पाला बदलना कोई नयी बात नहीं है. उन्होंने कहा, ‘आप चंद्रबाबू नायडू, नवीन पटनायक और द्रमुक जैसी पार्टियों को देखें. पीछे की ओर देखें तो हमारे पास वी पी सिंह सरकार का भी उदाहरण है. इसे भाजपा और वाम दलों दोनों ने समर्थन दिया था.”उन्होंने कहा, ‘जो लोग उनमें (नीतीश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देने की संभावना देखते थे, वे इस कदम से निराश हुए. लेकिन जिन लोगों की यह राय थी कि उन्होंने मोदी से मुकाबला करने के उत्साह में शासन से समझौता करना शुरू कर दिया, वो सही महसूस करेंगे.’ कुल मिलाकर प्रशांत के ऐसे बयान नितीश कुमार के कुनबे के अन्दर घमासान का कारण भी बन सकता है.

 

Web Title : rkk