इस खबर के बाद अपने आंसू रोकियेगा और कहियेगा “जय हिन्द”

सरहदों पर शहादत के बाद अक्सर लोगों का मन दुखी होता है. शहीद के घरवालों का क्या होगा ? लेकिन ऐसा नहीं है, ये खबर उस महिला की है जो असली महिला दिवस के सशक्तिकरण को परिभाषित करती है. ये खबर पढ़कर अपने आंसू रोकियेगा और शहादत पर गर्व कीजियेगा.........

राजस्थान खोज खबर. दुश्मन लाख दुःख देने की कोशिशें करे लेकिन भारत वर्ष दुश्मन के हर मंसूबे पर पानी फेर देता है. अब खबर उस वीरांगना की है जिसने अपना सुहाग खोया और अब अपने वचन को निभाने जा रही है. बात हैं गौरी प्रसाद महादिक की, गौरी प्रसाद, मेजर प्रसाद महादिक की पत्नी हैं. जो दिसंबर 2017 में अरुणाचल प्रदेश के तवांग इलाके में लगे इंडो-चाइना बॉर्डर शेल्टर में आग लगने की वजह से मारे गए. मेजर प्रसाद, बिहार रेजिमेंट की 7वीं बटालियन में तैनात बेहतर अधिकारियों में से एक थे.

गौरी प्रसाद ने पति की मौत की खबर को सुन गौरी ने हार नहीं मानी बल्कि आर्मी में शामिल होने का फैसला किया. पेशे से वकील गौरी प्रसाद ने अपने पति की मौत के बाद जॉब छोड़ी और आर्म्ड फोर्स जॉइन करने की तैयारी शुरू की. उन्होंने दूसरे अटेप्ट में विधवा कैटेगरी से की परीक्षा पास की. 16 कैंडिडेंट्स को पछाड़ इस एग्ज़ाम में टॉप किया.

गौरी प्रसाद महादिक अप्रैल से इंडियन आर्मी (चेन्नई)  में बतौर ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकैडमी से जुड़ेंगी. इस दौरान उनकी 49 हफ्तों की ट्रेनिंग शुरू होगी. इस ट्रेनिंग के बाद गौरी को सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में शामिल किया जाएगा.

क्या कहती है गौरी: अपनी नौकरी छोड़ इंडियन आर्मी से जुड़ने के इस फैसले को लेकर गौरी प्रसाद का कहना है कि वो अपने पति की मौत के बाद सिर्फ बैठकर रोना नहीं चाहती थी, बल्कि सेना से जुड़कर अपने पति को प्राउड महसूस कराना चाहती हैं. आगे गौरी ने कहा, “वो हमेशा मुझे खुश और मुस्कुराता हुआ देखना चाहते थे. मैंने फैसला लिया कि मैं फोर्स जॉइन करूंगी, मैं उनकी यूनिफॉर्म, उनके स्टार्स पहनूंगी, अब वो उनकी या मेरी नहीं बल्कि हमारी यूनिफॉर्म होगी.” गौरी प्रसाद महादिक ने 2015 में मेजर प्रसाद से शादी की, वे मुंबई के विरार इलाके में अपने पति के परिवार के संग रहती हैं.

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