गहलोत के मन की बात कौन जाने, जो भी था सिर्फ इशारों की जुबानी था

अशोक गहलोत जोधपुर आये, अपणायत से बातें की लेकिन मन में बहुत कुछ था... जो कहा पूरा वो नहीं था... बहुत कुछ था जो इशारों से आगे नहीं निकला....

जोधपुर. राजस्थान खोज खबर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जोधपुर आये, बहुत बातें की लेकिन जो मन में था वो जुबान से बाहर नहीं निकला लेकिन बहुत कुछ था जो इशारों में कह गए. लोकसभा चुनावों की तैयारी होने लगी है लेकिन इस बार के चुनावों में क्या होने वाला है किसी को नहीं पता. सामने पीएम मोदी की फ़ौज है और कोंग्रेस के कप्तान राहुल गाँधी और उनके रणनीतिकार अशोक गहलोत. हम ऐसा इसलिए कह रहे है क्योंकि गुजरात चुनावों में गहलोत ने अपनी रणनीति से बीजेपी को बहुत डरा दिया था लेकिन अब क्या होगा ये तो गहलोत के अलावा किसी को नहीं पता.
क्या रहा अपने शहर के लोगन के बीच: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि वर्तमान में हमारी सीमाओं पर तनाव की स्थिति में प्रदेश की जनता हमारे जवानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को जोधपुर में होटल रेडिसन में प्रेस-मीडिया से वार्ता करते हुए कहे। गहलोत ने कहा कि वर्तमान में तो सीमाओं पर तनाव है मगर हमारे सीमा सुरक्षा बल और अन्य तैनात जवान हमेशा कठिन परिस्थितियों से जूझते हैं। सीमाओं पर गर्मी में तापमान 50 डिग्री को पार करता है तो सर्दियों में 0 डिग्री से भी नीचे जाने पर अभावों में भी जूझते है। वर्तमान में फ्लैग मीटिंग बंद है तथा ज्वाइंट पेट्रोलियम भी बंद कर रखा है। उनकी तरफ से काफी मूवमेन्ट हो गया है मगर हमारे जवानों के हौंसले बुलंद है।
              गहलोत ने ये भी कहा कि हमारे बीएसएफ  में बाहर प्रदेशों के जवानों सहित महिलाएं भी हौसले के साथ काम कर रही है। उन्होंने गडरा रोड, बी एस एफ चैक पोस्ट, तन्नोट आदि का दौरा करने के बाद कहा कि हम इन जवानों के साथ हर परिस्थिति में खड़े रहेंगे। उन्होंने बताया कि हमने बी एस एफ के लिए कैन्टीन व अन्य सप्लाई की जाने वाली सामग्री पर ‘वैट‘ तो पूर्व में ही माफ कर दिया था एवं जीएसटी माफ  करने के लिए केन्द्र को भी लिखेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सेना के हौसले बुलंद है और दुश्मनों को नेस्तनाबूद करने के लिए हमे एकजुट खड़े रहना है। हाल ही आर्मी चीफ  भी आए थे और सेना की हौंसला अफजाई में कोई कमी नहीं है।
लोकतंत्र में गुड गवर्नेन्स जरूरी: मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में गुड गवर्नेन्स जरूरी है। हमारी सरकार भी हर क्षेत्र में गुड गवर्नेन्स के साथ किसानों की समस्याओं का निस्तारण कर रही है। उन्होंनें बताया कि जोधपुर में मेरी विजीट के दौरान काफी संख्या में अभाव अभियोग के बाद लोग जन सुनवाई में आते हैं। अब इन लोगों की समस्याओं के शीघ्र निवारण की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके तहत अब काम जोधपुर में ही होगा जयपुर तक आने की जरूरत ही नहीं रहेगी। यहां की समस्या का यहीं निस्तारण होगा तथा सी एम ओ का एक अधिकारी यहां रहकर इसकी मोनिटरिंग करेंगे। उन्होंने बताया कि किसी भी कार्य करने में अगर कोई अधिकारी लापरवाही दिखाएंगे तो उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी अधिकारी-कर्मचारी स्थानान्तरण के लिए भी प्राय: कोशिश करते रहते हैं मगर यह स्थानान्तरण कार्य किसी के साथ दुर्भावना या अन्याय पूर्ण हुआ है तो हम अवश्य उसे न्याय देंगे। उन्होंनें डॉक्टर्स के स्थानान्तरणों के संबंध में बताया कि एम सी आई के इंफ्रास्ट्रक्चर पूरे है तथा विशेषज्ञ डॉक्टर्स को इस कारण संबंधित जिले में लगा दिया जाता है। आधारभूत ढांचे के कारण नए मेडिकल कॉलेज खुलने पर भी कई डॉक्टर्स वहां लगाए जाते हैं मगर बाद में पुन: अपने जिले में लौटने के प्रयास नहीं करने चाहिए।
                                        पीएम मन की बात थोपते हैं
मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों ने मिलकर देश की एजेंसियों को बर्बाद कर दिया है। सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स, निती आयोग, ज्यूडिशरी, आरबीआई कोई चीज नहीं बची है जिसे बर्बाद नहीं किया। यह जो स्थिति देश में बनी है, वह बहुत खतरनाक है। देश और संविधान खतरे में है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में कोई मन की बात कह नहीं पाता है। केवल एक ही व्यक्ति मन की बात कहता है। वह है प्रधानमंत्री मोदी। वह मन की बात कहते नहीं थोपते हैं, देश पर। 130 करोड़ जनता के मन की बात भी तो सुने।
                                          मेरे खाते में नहीं जाएग वैभव
गहलोत ने बेटे वैभव के चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि उनका चुनाव मेरे खाते में नहीं जाएगा। वैभव को मैं रोक रहा हूं। राहुल गांधी ने यूथ कांग्रेस की लीडरशिप शुरू की थी। उसमें भी दावेदारी की थी। तब भी मैंने मना किया। लेकिन वह यूथ कांग्रेस व कांग्रेस में लगातार लंबे समय से काम कर रहे हैं। वह बिना पद अपना काम कर रहे हैं। रही बात चुनाव की तो आलाकमान जाने की वह उसे कहां से चुनाव लड़वाएंगे। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि सत्ता में आए हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन लोगों की सुविधा के लिए व्यवस्था की जाएगी। आम आदमी को अपने काम के लिए जयपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मैं जोधपुरवासियों के लिए व्यवस्था कर रहा हूं कि उनका काम यहीं पर हो जाए। जिला प्रशासन के अधिकारी उन कामों को देखेंगे और जयपुर में एक अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। जो इन कामों की मॉनिटरिंग करेगा।
क्या है गहलोत का मन : ये बात अलग है कि गहलोत ने मोदी के मन की बात की लेकिन वो अपने बेटे वैभव के लिए भी बहुत कुछ कह गए. चूँकि गहलोत अपनी राजनीति के चरम पायदान पर अपनी विरासत अपने बेटे के हाथों में नहीं तो सौंप सकते लेकिन वो उन्हें राजनीति में तैरना सिखाकर छोड़ना चाहते है. इसके लिए वो लगातार मेहनत करते हुए दिखाई दे रहे है लेकिन कभी खुलकर नहीं बोले जो साफ़ करता है कि इशारों की राजनीति में माहिर गहलोत अपने बेटे के लिए राजनीति का मैदान तैयार कर रहे हैं ताकि वो खुलकर विरोधियों के मध्य अपने पासे चला सके. गुफ्तगुओं का दौर इस ओर इशारा भी है लेकिन अभी कहना थोडा जल्द होगा क्योंकि गहलोत की राजनीति में जादुई नुस्खे अभी तक किसी के समझ में नहीं आये है.
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