जोधपुर: जातीय पंचों की याचिका पर सुनवाई: 75 साल से उपर के दो याचिकाकर्ताओं को राहत, गिरफ्तारी पर लगाई रोक

जोधपुर: राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस पीएस भाटी की अदालत में सीए छात्रा दिव्या को परेशान करने वाले जातीय पंचों की ओर से आज एफआईआर निरस्त करने की याचिका पेश की गई जिस पर दो जातीय पंचों को अंतरिम राहत दी गई व पुलिस अनुसंधान में सहयोग करने के निर्देश दिये गये है। याचिकाकर्ता जातीय पंच बंशीलाल व अन्य की ओर से कुल बारह याचिकाए पेश की गई थी। याचिकाकतार्ओं की ओर से पक्ष रखा गया कि उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया गया है उन्होने न तो पंचायती की है और ना ही कोई दंड वसूल किया है।

याचिकाकर्ता वृद्ध भी है ऐसे में उनके खिलाफ दायर एफआईआर को निरस्त किया जाये। सरकार की ओर से उपराजकीय अधिवक्ता विक्रमसिंह राजपुरोहित व अनुसंधान अधिकारी एसीपी नारायण सिंह ने पक्ष रखते हुए रिपोर्ट पेश की। राजपुरोहित ने कोर्ट को बताया कि पीडिता दिव्या ने 25 अक्टूबर को बनाड थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी ओर 28 अक्टूबर को पीडिता का कहना था कि जातीय पंच उनके परिजनो को परेशान कर रहे है उसे धमकाया व दबाव बनाया कि मुकदमा वापस ले।इस पर पीडिता ने जहरीला पदार्थ पीकर सुसाइड का प्रयास किया था।

पुलिस रिपोर्ट में माना कि पंचो ने 16 लाख 65 हजार रुपए पीडित परिवार से लिये है जिसकी रिकवरी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है इसीलिए याचिकाकतार्ओं को राहत नही दी जाये।रिपोर्ट में बताया कि पुलिस ने चार पंचों को गिरफ्तार किया है साथ ही पैसो की रिकवरी के लिए अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे है। पुलिस ने आज पीडिता सहित तीन जनो के आज 164 के बयान दर्ज कराये है वही अब तक आठ गवाहो के बयान दर्ज किये गये है। ऐसे में एफआईआर को निरस्त नही किया जाये क्योकि अभी अनुसंधान बाकी है।

हाईकोर्ट ने सभी पक्षो को सुनने के बाद दो जातीय पंचो हरकाराम व देवाराम जो कि 75 साल से उपर के होने की वजह से उनको अंतरिम राहत देते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए अनुसंधान में सहयोग करने के निर्देश दिये है। वही मामले की अगली सुनवाई 27 नवम्बर को होगी।

Web Title : Jodhpur: Hearing on the petition of ethnic Panchas: