जोधपुर: युवती द्वारा जातीय पंचों की प्रताड़ना से आहत होकर खुदकुशी की कोशिश करने के मामले में पुलिस ने 4 जातीय पंचों को कोर्ट में पेश कर भेजा जेल

जोधपुर: जोधपुर में शादी के मामले में जातीय पंचों की दखलअंदाजी और पुलिस के लापरवाहीपूर्ण रवैये के कारण पीड़िता द्वारा थाने में जहर खाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, दरअसल जोधपुर चार्टर्ड अकाउंटेंट युवती द्वारा जातीय पंचों की प्रताड़ना से आहत होकर खुदकुशी की कोशिश करने के मामले में आज बनाड थाना पुलिस ने सोलह मे से चार आरोपी जातिय पंचो को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। पुलिस पर बढते दबाव के चलते आज पुलिस ने कारवाई शुरू की ओर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट संख्या पांच के समक्ष पेश किया । जहा से चारो आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिये है।

जॉच अधिकारी एसीपी नारायण सिंह भाटी ने बताया कि पुलिस जातिय पंचो द्वारा रूपये लेने की बात को प्रमाणित मानते हुए धरपकड शुरू की तो सोलह मे से चार जातिय पंच पुलिस के हाथ लगे है जिनको कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया गया है, बाकी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किये जा रहे है. वहीं चारो आरोपियो को अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट संख्या 5 के समक्ष पेश किया गया. इस प्रकरण में उन्हें 384 व 143 IPC की धारा में गिरफ्तार किया गया था.

जानें क्या है पूरा पूरा मामला 
आपको बता दे कि जातीय पंचों के दबाव के चलते पुलिस की लापरवाही के चलते सीए स्टूडेंट की छात्रा ने 4 दिन पहले विषाक्त पदार्थ खाकर ख़ुदकुशी करने की कोशिस की, जिसको लेकर जोधपुर पुलिस कमिश्नर ने बुधवार देर रात सख्त कदम उठाते हुए इस मामले में लापरवाही बरतने वाले बनाड़ थानाप्रभारी और एक सब इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर और दो पुलिसकर्मियों को सस्पैंड कर दिया. मामले में लापरवाही बरतने पर पुलिस कमिश्नर आलोक वशिष्ठ ने बनाड़ थानाधिकारी नियाज मोहम्मद और डिगाड़ी चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक देवकिशन को लाइन हाजिर कर दिया था.

वहीं मामले के जांच अधिकारी एएसआई मनीष और पूरे प्रकरण में करीब दो महीने से संदिग्ध भूमिका निभाने वाले हैड कांस्टेबल भंवराराम को सस्पेंड कर दिया गया है. इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर एडीसीपी महेंद्र सिंह भाटी से जांच करवाई गई थी. प्रारंभिक स्तर पर मामले में लापरवाही पाए जाने के बाद दो अधिकारियों को लाइन हाजिर और दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है.

खाप पंचायत ने लगाया था 16 लाख रुपए का अर्थ दंड जोधपुर के शिकारगढ़ निवासी पूराराम चौधरी ने अपनी बेटी दिव्या की सगाई उसके बचपन में ही पाल रोड निवासी जीवराज के साथ कर दी थी. अब दिव्या के इनकार के बाद परिजन तो मान गए, लेकिन इस बीच खाप पंचायत ने मामले में दखल दे डाली. चार माह से खाप पंचायत तथा युवक के परिवार की ओर से दिव्या के परिवार पर शादी का दबाव बनाया जा रहा था. बाद में खाप पंचायत ने दिव्या के परिवार पर 16 लाख रुपए का अर्थ दंड लगा दिया.

दिव्या के परिजनों ने डेढ़ घंटे में यह राशि जमा करवा दी. उन्होंने इस संबंध में बनाड़ पुलिस थाने में मामला भी दर्ज करवा दिया, लेकिन इसके बावजूद भी पंचों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा और पुलिस पूरे मामले में सुस्त बैठी रही. खाप पंचायत के दंड व पिता को परेशान होता देखकर दिव्या गत रविवार को फिर बनाड़ पुलिस थाने गई. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती देख उसने हताश होकर थाने में ही सल्फॉस की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया. इस पर उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है.

Web Title : Jodhpur: In connection with the attempt of suicide, due to harassment of caste punch by the girl, the police sent four racial papers to the court and sent them to jail.