‘पंचकूला जैसे न बनें हालात’, जोधपुर पुलिस ने डाली ये याचिका

जोधपुर: अपने ही आश्रम में नाबालिग के यौन उत्पीड़न के आरोप में पिछले पांच साल से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद आसाराम का फैसला 25 अप्रैल को सुनाया जाएगा. जैसे-जैसे फैसले के दिन नजदीक आ रहे हैं, वेसे राजस्थान पुलिस की परेशानी बढ़ती भी बढती जा रही है. इस बिच जोधपुर पुलिस ने हाईकोर्ट में याचिका देकर मांग की है कि जोधपुर में पंचकूला जैसे हालात पैदा न हों, इसलिए जेल में ही फैसला सुनाया जाए.

नाबालिग छात्रा से रेप के आरोप में जोधपुर केंद्रीय कारागार में पांच साल से बंद आसाराम के मामले में सुनवाई पूरी हो गई है. इस केस में कोर्ट 25 अप्रैल को फैसला सुनाएगी. यह मामला उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में रहने वाली पीड़िता से जुड़ा है. पुलिस ने हाईकोर्ट में याचिका देकर फैसला जेल में सुनाने की अपील की है. पुलिस का कहना है कि कहीं ऐसा न हो कि राम-रहीम को सजा सुनाते वक्त पंचकुला में जो हालात पैदा हुए थे, वैसा जोधपुर में हों. इस अर्जी पर आसाराम की ओर से चार दिन बाद मंगलवार को जवाब आएगा. उधर आसाराम का मुख्य साधक शिवा ने कहा कि वे देशभर में अपील जारी करें.

मामले के अनुसार वर्ष 2013 में शाहजहांपुर की 16 वर्षीय लड़की ने आसाराम पर उनके जोधपुर आश्रम में दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया था. दिल्ली के कमला मार्केट थाने में यह मामला दर्ज कराया गया था, जिसे बाद में जोधपुर स्थानांतरित कर दिया गया. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 28 अगस्त को रेप के इस मामले में अदालती कार्यवाही में विलंब पर सवाल भी उठाया था.

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई में देरी पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि कार्यवाही में अनावश्यक रूप से विलंब हुआ और अभियोजन पक्ष के गवाहों पर हमले किए जा रहे हैं, जिसकी वजह से दो गवाहों की मौत भी हुई है. आसाराम को जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त 2013 को गिरफ्तार किया था और तब से वह जेल में बंद हैं. अब इस मामले पर 25 अप्रैल को अदालत का आदेश आएगा. सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान और गुजरात में दर्ज मामलों में आसाराम को जमानत देने से इनकार कर दिया था. सूरत में भी दो बहनों ने आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं पर बंधक बनाने और रेप का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था.

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