जोधपुर । वो दिन दूर नहीं जब राजस्थान के पश्चिमी हिस्से यानी जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर के किसान अपने खेत में बिजली की फसल पैदा करेंगे.  सीएम गहलोत ने  बिजली उत्पादन के लिए बनाई 10 वर्षीय कार्ययोजना का अपने बजट में एलान किया है. गहलोत के बजट के मुताबिक वो दिन दूर नहीं जब ऊर्जा के लिए किसान अपने खेत में सौर उर्जा की खेती करेंगे. गहलोत की इस निति से बिजली के अतिरिक्त उत्पादन क्षमता का विकास होगा नवीन सौर और पवन ऊर्जा और विक्सित होगी. इसके साथ ही सरकार नवीन सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा नीति लाएगी.

गहलोत ने  ने अपने बजट भाषण में ‘सौर उर्जा के उत्पादन’ स्कीम का ऐलान किया है। इसके तहत किसानों को सक्षम बनाया जाएगा कि वे अपने खेतों में बिजली पैदा कर सके। यह बिजली सरकार खरीदेगी। इस तरह किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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योजना के मुताबिक, किसान अपने खेतों में सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए सोलर पैनल लगा सकते हैं और यह बिजली सरकार खरीदेगी। सरकार सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य न केवल हासिल करेगी, बल्कि इसे पार भी करेगी।

नई योजना से किसानों को एक साल में एक लाख रुपए तक की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है। जो किसान सोलर पैनल लगाने में लागत की दिक्कत का सामना करेंगे, वे इसके लिए अपनी जमीन डेवलपर को दे सकते हैं।

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किसानों की अनुपयोगी जमीन पर सौर ऊर्जा प्लांट लगेंगे. 1 लाख नए कृषि कनेक्शन दिए जाएंगे. 100000 कृषि कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा था जिन्हें पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध. किसानों को गुणवत्तापूर्ण बिजली देने के लिए कृषि कनेक्शनों के लक्ष्य को साधने के लिए 5200 करोड की सहायता दी जाएगी.
कृषि कनेक्शन के फीडर के लिए 5,200 ख़रीद. 500 करोड़ रुपए नए ट्रान्सफर के लिए प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगेंगे. नाथद्वारा में बिजली लाइनें भूमिगत होगी. जल संसाधन के लिए 4675 करोड़ का प्रावधान किया गया. सैम एरिया के लिए 207 करोड़ का प्रवधान. 22,831 हेक्टेयर क्षेत्र को कृषि के लिए उपयोगी बनाया जाएगा.