देश की राजधानी दिल्ली में बांग्लादेशियों के निरस्त होंगे आधार व पैन कार्ड

भारत में किन देशों के कितने अवैध प्रवासी या घुसपैठिये रह रहे हैं इसका कोई निश्चित आंकड़ा नहीं है। हां, एक अनुमान जरूर है कि सिर्फ बांग्लादेश के ही कोई 2 करोड़ घुसपैठिये भारत में रह रहे हैं। ये संख्या समूचे ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या के बराबर है। बांग्लादेशियों के अलावा 40 हजार से ज्यादा रोहिंगिया घुसपैठिये भारत में जमे हुए हैं।

दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली सरकार को आगाह किया है कि राजधानी में बांग्लादेशियों द्वारा आधार व पैन कार्ड जैसे कागजात बनाने के विषय में सतर्क रहें। बांग्लादेश सहित किसी भी देश के नागरिक ने यदि अवैध तरीके से आधार या पैन कार्ड दिल्ली में बनवा लिए हैं तो उन्हें रद करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।

गृह मंत्रालय ने दिल्ली सरकार के गृह विभाग को पत्र लिखा है, जिसमें जगन्नाथ महापात्र का जिक्र किया गया है। महापात्र ने गृह मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें कहा है कि दिल्ली में बड़ी संख्या में बांग्लादेशियों ने आधार व पैन कार्ड बनवा लिए हैं। गृह मंत्रालय ने इस का संज्ञान लिया है। मंत्रालय ने दिल्ली सरकार को आगाह किया है।

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वर्तमान नियमों के अनुसार विदेशी नागरिकों को भारत में रहने की सीमा तय की जा सकती है। सीमा समाप्त होते ही उन्हें वापस भेजने का प्रावधान है। इस कार्य के लिए केंद्र सरकार के अलावा राज्य सरकार व केंद्र शासित राज्यों के पास भी पर्याप्त अधिकार हैं। गृह मंत्रालय ने पत्र में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों पर नजर रखने के लिए राज्य सरकार को आगाह किया जा रहा है। पत्र में साफ किया गया है कि बांग्लादेशियों के साथ-साथ किसी अन्य देश के नागरिक के अवैध रूप से रहने या आधार कार्ड बनाने की स्थिति में उसे भी तुरंत रद कर दिया जाए।
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पकडे जा चुके है कई अवैध घुसपैठिये : 
दिल्ली के नजदीक मधुरा में उत्तर प्रदेश पुलिस ने कोसीकलां कस्बे में छापेमारी में 9 अक्तूबर को वहां अवैध रूप से रह रहे 16 बांग्लादेशी नागरिकों और उन्हें शरण देने के आरोप में एक स्थानीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।  तलाशी के दौरान इन लोगों के पास से सात मोबाइल फोन, फर्जी तरीके से बनवाए गए आठ आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, एक ड्राईविंग लाइसेंस और अन्य चीजें मिली थी।
जानकारी में सामने आया था कि इन बांग्लादेशियों को सीमा पार कराने के लिए उनसे प्रति-व्यक्ति आठ हजार रुपये लिए थे।
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