कुमारस्‍वामी का चौंकाने वाला दावा, 100 करोड़ में विधायक खरीद रही है BJP और मंत्रिमंडल में जगह का लालच’

बेंगलुरु: कर्नाटक में जारी सियासी गहमागहमी और सरकार गठन के लिए सभी राजनीतिक दलों की ओर से की जा रही कोशिशों के बीच जेडीएस नेता एचडी कुमारस्‍वामी ने चौंकाने वाला दावा किया है। उन्‍होंने कहा कि राज्‍य में 104 सीटों पर जीत हासिल करने वाली बीजेपी अब जेडीएस विधायकों की खरीद-फरोख्‍त पर उतर आई है और इसके लिए उन्‍हें 100-100 करोड़ रुपये तक का लालच दिया जा रहा है।

कुमारस्‍वामी ने बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर बीजेपी पर यह सनसनीखेज आरोप लगाया।  उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधायकों को लालच दिया गया कि अगर वह बीजेपी का समर्थन करते हैं तो उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में भी जगह दी जाएगी। उन्होंने बीजेपी को यह चेतावनी तक दे डाली कि अगर उनके विधायक तोड़ने की कोशिश की गई तो वह बीजेपी के दोगुने विधायक तोड़ लेंगे। जेडीएस नेता का यह बयान ऐसी चर्चाओं के बीच आया है कि बहुमत के जादुई आंकड़े से कुछ ही दूर बीजेपी अन्‍य पार्टियों के कई विधायकों के संपर्क में है और अपने लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। इस बीच, ऐसी रिपोर्ट्स भी आई कि जेडीएस और कांग्रेस के कई विधायक पार्टी विधायक दल की बुधवार को हुई बैठकों में शामिल नहीं हुए। दोनों पार्टियों में ऐसे विधायकों की संख्‍या 14 बताई गई है।

‘बीजेपी ने पेश किए ₹100 करोड़, मंत्रीपद’
गौरतलब है कि जेडी (एस) के विधायकों की बैठक में कुमारस्वामी को नेता चुना गया था। बैठक के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर उनके विधायकों को 100 करोड़ रुपये और मंत्रिमंडल में जगह का लालच देने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी के पास इतने पैसे कहां से आए और क्या यह काला धन है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों से किए गए 15,00,000 रुपये देने के वादे को निभाने के लिए सरकार के पैसे नहीं हैं लेकिन विधायकों को खरीदने के लिए हैं।

खरीदने की कोशिश पर दोगुने विधायक तोड़ने की चेतावनी
बीजेपी द्वारा जेडी (एस) विधायकों को खरीदे जाने की बात खारिज करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन कमल’ सफल होना तो दूर, बीजेपी के की विधायक जेडी (एस) के समर्थन में हैं। उन्होंने बीजेपी को चुनौती तक दे डाली कि अगर उनके 10 विधायक तोड़ने की कोशिश की गई तो वह बीजेपी के 20 विधायक तोड़ लेंगे। उन्होंने राज्यपाल से भी हॉर्स-ट्रेडिंग न हो, यह ध्यान में रखते हुए फैसला लेने की बात कही। साथ ही, कर्नाटक बीजेपी इन-चार्ज प्रकाश जावड़ेकर से मिलने की बात से इनकार करते हुए उन्होंने उल्टा सवाल कर दिया कि कौन हैं प्रकाश जावड़ेकर।

‘हमें नहीं जल्दी, कर लेंगे इंतजार’
कुमारस्वामी ने बताया कि वह 1:30 बजे राज्यपाल से मिलेंगे। जब उनसे यह सवाल किया गया कि वह राज्यपाल से क्या बात करेंगे तो उन्होंने कहा कि गुजारिश करेंगे कि उन्हें बहुमत साबित करने का मौका दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर राज्यपाल उनकी बात नहीं मानते तो वह एक हफ्ता इंतजार कर लेंगे, उन्हें कोई जल्दी नहीं है। उन्होंने बीजेपी पर केंद्र में आने के बाद संस्थानों की कार्यवाही में दखल देने का आरोप लगाया।

‘मिटाना है पिता के करियर पर लगा काला दाग’
उन्होंने बताया कि उन्हें दोनों और से प्रस्ताव आए थे लेकिन उन्होंने कांग्रेस के साथ जाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के करियर पर उनके कारण एक काला धब्बा तब लगा जब 2004 और 2005 में उन्होंने बीजेपी के साथ जाने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि भगवान ने उन्हें यह धब्बा मिटाने का मौका दिया, इसलिए वह कांग्रेस का साथ दे रहे हैं।

‘किस आधार पर बीजेपी कर रही दावा
कुमारस्वामी ने सवाल किया कि बीजेपी को बहुमत के लिए 9 विधायकों की जरूरत है जबकि कोई नि र्दलीय या छोटे दल उसे समर्थन देने के लिए नहीं है। ऐसे में बीजेपी किस आधार पर सरकार बनाने क दावा कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और जेडी (एस) के पास बहुमत है और इसलिए उन्हें सरकार बनानी चाहिए। उन्होंने कई राज्यों में जीत हासिल कर चुकी बीजेपी की ‘अश्वमेध यात्रा’ के घोड़ों के कर्नाटक में थमने का दावा किया।

राज्यपाल की भूमिका है बेहद अहम
कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा की तस्वीर उभरकर सामने आई है। इस बीच कर्नाटक में भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार वी एस येदिरुप्पा राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके हैंं। उधर जेडीएस अध्यक्ष कुमारस्वामी राजभवन के लिए रवाना हो चुके हैं। कुमारस्वामी भी सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। रुझानों में कर्नाटक विधानसभा में भाजपा के पास 104 सीटे, कांग्रेस 77 और जेडीएस 38 सीटें हैं। जेडीएस को कांग्रेस का समर्थन भी प्राप्त है। चुनावी रुझानों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आती दिख रही है, लेकिन वह बहुमत के लिए 112 के जादुई आंकड़े से पीछे है। ऐसे में अगली सरकार के गठन में राज्यपाल की भूमिका काफी अहम हो जाती है।

Web Title : Kumaraswamy's shocking claim, MLA is buying 100 crore MLAs