लश्कर-ए-तैयबा के आठ आतंकियों को उम्रकैद की सजा, 2-2 लाख के अर्थदंड की भी सुनाई सजा

जयपुर: मुम्बई हमले के मास्टर माइंड आतंकी हाफिज सईद के संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आठ आतंकियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही, सभी पर 2-2 लाख के अर्थदंड की भी सजा सुनाई ! जयपुर के कोर्ट नंबर 17 के एडीजे पवन गर्ग ने लश्कर-ए-तैयबा के आठ आतंकियों को देश में दंगा फैलाने और अन्य आतंकी व राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में दोषी पाया है।

कोर्ट ने फैसले में कहा है कि ये देश में व्यापक स्तर पर अस्थिरता फैलाना चाहते थे।
कोर्ट ने इन आठों को दोषी मानते हुए विधि विरुद्ध क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम सहित अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है और 2-2 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया है। कोर्ट ने ये भी माना कि ये देश में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी नेटवर्क को फैलाने की फिराक में थे, जिससे देश में आतंकी हमले भी हो सकें।

आपको बता दे कि आतंकी असगर अली, शकर उल्लाह, मोहम्मद इकबाल है पाकिस्तानी आतंकवादी, वहीं बाबू उर्फ़ निशाचंद अली, पवन पुरी, अरुण जैन, काबिल खां और हाफ़िज़ अब्दुल मज़ीद पर संगठन के सदस्य होने का आरोप है !

गौरतलब है कि  तीन पाकिस्तानी और पांच भारतीय नागरिकों को जयपुर की एडीजे कोर्ट में लश्कर-ए-तैयबा से सबंध रखने और भारत में आतंकी साजिश रचने का दोषी पाया था।

वर्ष 2010 अक्टूबर में राजस्थान पुलिस की एसओजी टीम ने तीन पाकिस्तानी और पांच भारतीय नागरिकों को आतंकी साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया था। जिसमें असगर अली, शकर उल्लाह व मोहम्मद इकबाली पाकिस्तानी है। जबकि निशाचंद अली, पवन पुरी, अरुण जैन, काबिल खां और अब्दुल मजीद भारतीय नागरिक है। हालांकि बाद में मामले की जांच एटीएस को सौंप दी गई थी।

​एटीएस की जांच में आरोपियों का सबंध आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से होने के सबूत मिले थे। जांच एजेंसिंयों ने फोन रिकॉर्डिंग के आधार पर इस आतंकी सेल का खुलासा किया था। मामले की सुनवाई सात वर्ष से अधिक समय तक चली। केस में एटीएस ने तीन हजार पन्नों की चार्जशीट भी दाखिल की।

Web Title : Lashkar-e-Toiba terrorists life imprisonment