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चौमूं। एसडबलयूएम नियम 2016 की पालना सुनिश्चित करने के लिए नगरपालिकाओं में स्थित बल्क वेस्ट जनरेटस को सौ किलो से अधिक कचरा उत्पन्न करते हैं उन सभी को कंपोस्ट मशीन को लगाना आवश्यक है। जिससे गीले कचरे से प्रोसेसिंग कर खाद बनाया जा सकें। उक्त रूल्स की पालना सुनिश्चित करने हेतु चौमूं पैलेस द्वारा अपने खर्चे पर नगर पालिका क्षेत्र चौमूं में कंपोस्ट मशीन की स्थापना की गई है। चौमूं नगर पालिका अधिशासी अधिकारी अजय कुमार अरोड़ा ने बताया कि रेनू खंडेलवाल उपनिदेशक क्षेत्रीय स्थानीय निकाय विभाग की प्रेरणा से नगर पालिका स्टाफ चौमूं द्वारा चौमूं पैलेस के प्रतिनिधि को उन्हे कंपोस्टिंग मशीन की आवश्यकता एवं महत्व के बारे में गत 1 माह से प्रेरित किया जा रहा है। दिनांक 3 मई  को चौंमूं जयपुर जिले की नगर पालिका में पहली कंपोशन मशीन की स्थापना अपने खर्चे पर की गई है।
कंपोस्टिंग मशीन लगाने का मुख्य उद्देश्य यह भी है कि वेस्ट उत्पन्न करने वाली संस्थाएं कचरे का निस्तारण अपने स्तर पर ही करें, जिससे कचरा बाहर नहीं आएगा और कारपोरेशन एवं समय की बचत होगी, चौमंू पैलेस द्वारा कंपोस्टिंग मशीन लगाना कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। चौंमू पैलेस के सीपी राठौड़ मैनेजर चौमूं पैलेस ने बताया कि चौमूं पैलेस द्वारा पूर्व में गीला एवं सूखा कचरा पालिका द्वारा संचालित कचरा वाहन में डाला जाता था, अब हरा और गीला कचरा कंपोस्ट मशीन की स्थापना कर दी है, जिससे गीले कचरे व गार्डन के पत्तों का निस्तारण कर खाद बनाई जाएगी। कार्यक्रम में पवन कुमार कनिष्ठ अभियंता विजय कुमार उपस्थित थे।
इनका कहना है
अधिशासी अधिकारी चौमूं पैलेस द्वारा कंपोस्ट मशीन लगाकर एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है अन्य संस्था है जो 100 किलो से अधिक कचरा उत्पन्न करती है, उन्हें मशीन लगाने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। एसडब्ल्यूएम रूल्स 2016 की पालना सुनिश्चित करवाने हेतु 12 अप्रैल 2019 से विधिका लागू हो चुकी है। जिसके तहत ब्लक बेस्ट जनरेटर द्वारा वेस्ट को उनके परिसर में उपचारित नहीं करने पर 2000 प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूल किया जाएगा।
-अजय कुमार अरोड़ा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका चौमूं