Me Too: एम.जे. अकबर पर अमित शाह ने तोड़ी चुप्पी, बोले- देखना पड़ेगा ये सच है या गलत

नई दिल्ली: MeToo कैंपेन की ज़द में आए केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर पर इस्तीफे का दबाव बढ़ रहा है. इस बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि उनपर जो आरोप लगे हैं यह देखना पड़ेगा कि यह सच है या गलत. शाह अकबर के खिलाफ एक्शन के सवाल को टाल गए. उन्होंने जांच पर कहा कि ‘इसपर जरूर सोचेंगे.’ बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, ”देखना पड़ेगा कि यह सच हैं या गलत. हमें उस शख्स के पोस्ट की सत्यता जांचनी होगी, जिसने आरोप लगाए हैं. मेरा नाम इस्तेमाल करते हुए भी आप कुछ भी लिख सकते हैं.” केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर कम से कम आठ महिला पत्रकारों ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं. कांग्रेस समेत अन्य दलों ने अकबर के इस्तीफे और जांच की मांग की है.

कल केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता उमा भारती का एमजे अकबर को साथ मिला था. उन्होंने कहा था, “वे इस मामले पर कुछ नहीं कहना चाहती. अकबर से जुड़ा मामला तब का है जब वे केंद्र सरकार में मंत्री नहीं थे. यह मामला पूरी तरह महिला और अकबर के बीच है. लिहाजा वे इस पर कुछ नहीं कह सकती.” वहीं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने शुक्रवार को कहा कि उनका मंत्रालय विधि विशेषज्ञों की समिति बनाने की योजना बना रहा है जो ‘मीटू’ अभियान में सामने आए यौन उत्पीड़न के आरोपों को देखेंगे, साथ ही उन्होंने कहा कि वह प्रत्येक शिकायतकर्ता के दर्द और सदमे को समझती हैं

मेनका ने केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर लगे आरोपों पर खुलकर कुछ नहीं कहा. मेनका गांधी ने कहा,‘‘मैं उन सब पर विश्वास करती हूं. मैं प्रत्येक शिकायतकर्ता के दर्द और सदमे को समझती हूं. मैं एक कमेटी के गठन का प्रस्ताव भेज रही हूं . इसमें वरिष्ठ न्यायिक एवं कानूनी अधिकारी सदस्य होंगे. यह कमेटी मी टू अभियान के तहत आये सभी मसलों को देखेगी.’’

Web Title : MeToo: M.J. Amit Shah smiles on Akbar